डेढ़ सौ अमरीकी सांसदों ने अपने ज्ञापन में कहा है कि राष्ट्रपति ट्रम्प की नीतियों के कारण पश्चिमी एशिया के इलाक़े में तनाव बढ़ा है और अमरीका के घटकों को गंभीर हमलों का सामना करना पड़ा है।
अमरीकी सांसदों ने अपने ज्ञापन में कहा है कि परमाणु समझौते से एकपक्षीय रूप से बाहर निकल जाने के ट्रम्प के फ़ैसले से परमाणु अप्रसार के अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों को झटका लगा है और मुख्य घटकों के साथ अमरीका के संबंधों को नुक़सान पहुंचा।
सांसदों ने यह भी लिखा है कि हमें यह मालूम है कि परमाणु समझौते में वापसी के लिए कुछ प्रतिबंधों को हटाना पड़ेगा जबकि ईरान को परमाणु समझौते की प्रतिबद्धताओं का पुनः पालन करना होगा।
बाइडन कह चुके हैं कि अगर ईरान परमाणु समझौते का पूरी तरह पालन करता है तो अमरीका इस समझौते में लौट आएगा।
न्यूयार्क टाइम्ज़ ने अपनी एक रिपोर्ट में लिखा है कि बाइडन ने विदेश मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और इंटैलीजेन्स के लिए जिन नामों का चयन किया है वह 2015 में होने वाले परमाणु समझौते से किसी न किसी तरह जुड़े रह चुके हैं और इस समझौते से पहले चलने वाली लंबी वार्ता का हिस्सा थे।