15 नवंबर 2020 - 13:19
युद्ध बंदियों के साथ आले सऊद का अमानवीय व्यवहार, कई राज़ आए सामने

सना ने युद्ध बंदियों के साथ आले सऊद और सऊदी गठबंधन द्वारा किए जा रहे अमानवीय व्यवहार पर संयुक्त राष्ट्र संघ की चुप्पी की कड़े शब्दों में आलोचना की है।

प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, यमन की बंदियों के मामलों की समिति के सदस्य अहमद अबू हमज़ा ने अपने एक बयान में कहा है कि सऊदी गठबंधन युद्धबंदियों और आम क़ैदियों के साथ अमानवीय और जानवरों से भी बदतर तरीक़े का व्यवहार कर रहे हैं। अहमद अबू हमज़ा ने यह रहस्योद्घाटन किया है कि, ऐसे स्थानीय क़ैदी जो स्वयं उनके लिए काम करते हैं, उनको भी बहुत ही बेरहमी के साथ या मार दिया जाता या फिर बुर तरह घायल कर दिया जाता है। अबू हमज़ा के अनुसार, सऊदी गठबंधन से संबंधित तत्व क़ैदियों की हत्या करने के बाद उन्हें गाड़ियों से बांधकर सड़कों पर घसीटते हैं या पुलों से लटका देते हैं।   

अहमद अबू हमज़ा ने बताया कि सऊदी अरब के सैनिकों ने आम यमनी नागरिकों, यहां तक कि हज और उमरे पर जाने वाले यमनियों को भी गिरफ़्तार करके जेलों में डाल दिया है ताकि क़ैदियों की संख्या को ज़्यादा बता सकें। यमन की बंदियों के मामलों की समिति के सदस्य के मुताबिक़, शवों का अपमान और उनके शरीर के टुकड़े-टुकड़े करना सऊदी गठबंधन के सैनिकों के लिए एक खेल बन गया है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि इसके बारे में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय नहीं जानता है। अबू हमज़ा ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ और अन्य अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं बंदियों से संबंधित संगठनों के सामने सबूत पेश किए जाने के बावजूद यह सभी संगठन सऊदी अरब के अपराधों के सामने चुप्पी साधे हुए हैं जो बहुत ही खेद की बात है।

उल्लेखनीय है कि1864 और 1949 के बीच जिनेवा में संपन्न जिनेवा कन्वेंशन कई अंतर्राष्ट्रीय संधियों की एक ऐसी श्रृंखला है जो युद्धबंदियों और नागरिकों के अधिकारों को बरक़रार रखने हेतु युद्ध में शामिल पक्षों को बाध्यकारी बनाती है। वहीं सऊदी अरब जिसे अमेरिका का आशिर्वाद प्राप्त है वह दुनिया के हर क़ानून की धज्जियां उड़ाते हुए हर दिन यमन जानता के ख़ून से होली खेल रहा है।