प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, अमेरिकी राष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनावों में हार के बावजूद व्हाइट हाउस डोनाल्ड ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल के लिए योजना बना रहा है। व्हाइट हाउस के एक शीर्ष अधिकारी ने इसकी सूचना दी है। निवर्तमान राष्ट्रपति के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने फॉक्स बिजनेस नेटवर्क पर कहा, "हम व्हाइट हाउस में इस धारणा के तहत आगे बढ़ रहे हैं कि ट्रम्प का दूसरा कार्यकाल होगा।" अमेरिकी मीडिया ने घोषणा की कि ट्रम्प ने राष्ट्रपति चुनावों के एक सप्ताह बाद भी अभी तक यह नहीं स्वीकार किया है कि उनके डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी जो बाइडेन ने उन्हें 3 नवंबर के राष्ट्रपति चुनाव में हरा दिया है। साथ ही ट्रम्प लगातार अपने बयानों और ट्वीट के ज़रिए ऐसे संकेत दे रहे हैं कि वह बहुत ही आसानी से व्हाइट हाउस से नहीं जाने वाले हैं। उनके इन संकेतों को और अधिक बल अब व्हाइट हाउस में मौजूद उनके वफ़ादार अधिकारियों के बयानों से मिल रहा है।

अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने जब से चुनाव नतीजों को क़ानूनी चुनौती दी है, तब से कई बार सार्वजनिक तौर पर सामने आ चुके हैं लेकिन उन्होंने अभी तक चुनावी धोखाधड़ी के कोई सबूत नहीं दिए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति के व्यापारिक मामले के सलाहकार पीटर नवारो ने ट्रम्प समर्थकों के बिना सबूत वाले आरोपों को दोहराते हुए कहा, "हम चाहते हैं कि मतपत्रों का सत्यापन हो, प्रमाणित मतमत्रों की जांच हो क्योंकि गवाहों द्वारा हस्ताक्षरित धोखाधड़ी के आरोपों की संख्या बढ़ती जा रही है।" नवारो ने "धोखे" का उल्लेख करते हुए कहा कि जो बाइडेन व्यापार नीति पर या चीन के संबंध में क्या कर सकते हैं, इस बारे में कई अटकलें हैं। "मुझे लगता है कि इस बिंदु पर विचार करना ज़रूरी है।

उल्लेखनीय है कि फेडरल और स्टेट यूएस चुनाव अधिकारियों ने गुरुवार को चुनावों में किसी भी तरह की धोखधाड़ी से इनकार किया था और कहा था कि मत चोरी या धोखाधड़ी के कोई सबूत नहीं है, दुनियाभर के क़रीब सभी नेता बाइडेन को जीत की बधाई दे चुके हैं। टीकाकारों का कहना है कि ट्रम्प के इस रवैये ने दुनिया भर के देशों को सही चुनाव आयोजित कराने की नसीहत देने वाले अमेरिका की पोल खोल दी है। टीकाकारों के अनुसार, जैसे-जैसे ट्रम्प आक्रमक होते जा रहे हैं वैसे-वैसे अमेरिका दुनिया की नज़र में अपनी विश्वसनीयता खोता जा रहा है और आने वाले दिनों में अमेरिका की यह स्थिति हो जाएगी कि वह किसी भी देश के चुनावी आयोजनों और उसके नतीजों पर प्रतिक्रिया देने के भी स्थिति में नहीं होगा।