ईरान की संसद, मजलिसे शूराए इस्लामी के उप प्रमुख मुहम्मद हसन अबू तुराबी फ़र्द ने कहा कि अमरीका और सम्राज्यवादियों के वर्षों के षड्यंत्रों के मुक़ाबले में ईरानी राष्ट्र सफल रहा। उन्होंने कहा कि राष्ट्र ने गौरवपूर्ण ढंग से उतार-चढ़ाव के दिन गुज़ारे।
उन्होंने मंगलवार को संसद की खुली बैठक में बल दिया कि ईरानी राष्ट्र ने प्रतिबंधों के मुक़ाबले में प्रतिरोध करके इस्लामी क्रांति के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय लिख दिया। अबू तुराबी फ़र्द ने कहा कि जनता के बौद्धिक व धर्मपरायणता पर आधारित इस प्रतिरोध को सराहा जाना चाहिए।
श्री अबू तुराबी फ़र्द ने कहा कि आशा है कि ईरानी राष्ट्र इस वर्ष 22 बहमन अर्थात 11 फ़रवरी को एक बार फिर इसी धर्मपरायणता और बुद्धि का प्रदर्शन करेगा और क्रांति व नेता से अपने संबंधों को एक बार फिर दुनिया के सामने पेश करेगा।
उन्होंने कहा कि आज इराक़, सीरिया, लेबनान, बहरैन और यमन सहित पूरी दुनिया में इस्लामी प्रतिरोध विश्व साम्राज्यवाद के मुक़ाबले में एक बड़ी शक्ति में परिवर्तित हो चुका है।