पाकिस्तान के संसद भवन में सेनेट की विदेश मामलों की समिति के सामने बयान देते हुए विदेश सचिव एज़ाज़ अहमद चौधरी का कहना था कि पाकिस्तान, सीरिया की क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन करता है और इस्लामाबाद सीरिया में राष्ट्रपति बश्शार असद का तख़्ता उलटे जाने का विरोध करता है।
इस अवसर पर सीरियाई संकट के शांतिपूर्ण समाधान खोजे जाने की आवश्यकता के संबंध में पाकिस्तानी रुख़ भी दोहराया गया।
ज्ञात रहे कि सीरिया में आतंकी गतिविधियों के आरंभ से ही पाकिस्तान ने तटस्थता की नीति अपना रखी है जबकि विदेश सचिव के बयान से भी सीरिया संकट के संबंध में पाकिस्तान की विदेश नीति में महत्वपूर्ण बदलाव का पता चलता है।
उधर प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ के विदेशी मामलों के सलाहकार सरताज अज़ीज ने सीनेट को बताया था कि सऊदी अरब की ओर से 34 इस्लामी देशों पर आधारित आतंकवाद निरोधक सैन्य गठबंधन में कुछ इस्लामी देशों को शामिल न करने के मामले को विश्व स्तर पर उठाया जाएगा।
इससे पहले पाकिस्तान दो बार अमेरिका के नेतृत्व में बने दाइश विरोधी गठबंधन का हिस्सा बनने से इन्कार कर चुका है।
दाइश के ख़िलाफ़ युद्ध में अमेरिका के कथित सहयोगी के रूप में शामिल होने के बारे में पिछले महीने एक सवाल का जवाब देते हुए सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल असीम बाजवा ने कहा कि हम इस क्षेत्र से बाहर सैनिक भागीदारी में रुचि नहीं रखते।
....302