ईरान के उप विदेश मंत्री ने कहा है कि सऊदी अरब को आयतुल्लाह शैख़ बाक़िर निम्र की फांसी की भारी क़ीमत चुकानी पड़ेगी।
हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान ने सऊदी अरब के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा शैख़ बाक़िर अन्निम्र को दिए गए मृत्युदंड की पुष्टि की ख़बर पर खेद व चिंता जताते हुए कहा कि रियाज़ इस वरिष्ठ धर्मगुरू की फांसी का भारी मूल्य चुकाएगा। उन्होंने कहा कि अभी तक सऊदी अरब ने मिना त्रासदी के संबंध में कोई संतोषजनक उतर नहीं दिया जिसमें उसके कुप्रबंधन व अक्षमता के कारण हज़ारों हाजी मारे गए हैं। उन्होंने कहा कि इस साल हज की दुखद घटनाएं और यमन की जनता पर सऊदी अरब के हमलों ने सिद्ध कर दिया है कि इस देश की स्थिति ठीक नहीं है और देश के नागरिकों के विरुद्ध भड़काऊ एवं जातिगत रवैया, सऊदी अरब की सरकार के हित में नहीं होगा।
हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान ने बल देकर कहा कि सऊदी अरब के अधिकारियों को अपनी जनता व क्षेत्रीय देशों के संबंध में इस प्रकार का रवैया छोड़ कर न्याय व बुद्धि का मार्ग अपनाना चाहिए। कुछ अरब संचार माध्यमों की रिपोर्ट के अनुसार सऊदी अरब के सर्वोच्च न्यायालय ने इस देश के प्रमुख शिया धर्मगुरू आयतुल्लाह शैख़ बाक़िर निम्र को दी गई फ़ांसी की सज़ा की पुष्टि कर दी है। शैख़ निम्र के भाई ने भी ट्वीट करके कहा है कि सऊदी अरब के सर्वोच्च न्यायालय ने उनके भाई को दिए गए मृत्युदंड की पुष्टि कर दी है। उन्होंने कहा है कि सज़ा पर अमल के लिए यह फ़ैसला गृह मंत्रालय और सऊदी नरेश शैख़ सलमान बिन अब्दुल अज़ीज़ के पास भेज दिया गया है। उन्होंने इस फ़ैसले को अत्याचारपूर्ण बताते हुए शैख़ निम्र की रिहाई की मांग की है।