10 जुलाई 2015 - 11:09
क़ुद्स की आज़ादी के लिए प्रयास करना धार्मिक कर्तव्य।

वरिष्ठ नेतृत्व का चयन करने वाली परिषद के एक सदस्य ने कहा है कि फ़िलिस्तीनी समस्या ईरान की इस्लामी क्रांति की एक आकांक्षा है।

वरिष्ठ नेतृत्व का चयन करने वाली परिषद के एक सदस्य ने कहा है कि फ़िलिस्तीनी समस्या ईरान की इस्लामी क्रांति की एक आकांक्षा है।
आयतुल्लाह अली रज़ा इस्लामियान ने विश्व क़ुद्स दिवस की रैली में लोगों की उपस्थिति के महत्व की ओर संकेत करते हुए कहा कि विश्व क़ुद्स दिवस की रैली में उपस्थिति, इस्लाम की शक्ति को प्रदर्शित कर सकती है। इस्लामियान ने कहा कि फ़िलिस्तीन ईरान की इस्लामी क्रांति की एक आकांक्षा है और स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी वरिष्ठ नेता और महान हस्तियों के अनुसार फ़िलिस्तीन की निहत्थी जनता और क़ुद्स की स्वतंत्रता के लिए प्रयास करना चाहिये। उन्होंने कहा कि इस वर्ष विश्व क़ुद्स की रैली में उपस्थिति एक आवश्यकता है और वह यमन, सीरिया, लेबनान, बहरैन और इराक़ के मामलों पर ध्यान देना और आतंकवादी गुट आईएसआईएल से मुक़ाबला है। इसी मध्य एक सांसद अली अकबर नासिरी ने कहा है कि विश्व क़ुद्स की रैली में ईरानी जनता और दूसरे देशों के मुसलमानों की उपस्थिति इस्लाम की शक्ति को प्रदर्शित कर सकती है। श्री नासेरी ने कहा कि विश्व क़ुद्स दिवस जैसाकि स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी ने फरमाया है इस्लाम के पुनरजन्म तथा प्रभाव डालने का दिन है और साथ ही वह दिन प्रतिदिन इस्लामी जागरुकता में वृद्धि का कारण है।
ज्ञात रहे कि ईरान की इस्लामी व्यवस्था के संस्थापक स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी ने रमज़ान महीने के अंतिम शुक्रवार को विश्व क़ुद्स के रूप में मनाये जाने की घोषणा है।