28 मई 2015 - 19:16
विज्ञान के मैदान में ईरान करेगा हर देश के साथ सहयोग।

इस्लामी व्यवस्था की हित संरक्षक परिषद के प्रमुख ने कहा है कि ईरान, विज्ञान के मैदान में विश्व के हर देश के साथ सहयोग के लिए तैयार है।

इस्लामी व्यवस्था की हित संरक्षक परिषद के प्रमुख ने कहा है कि ईरान, विज्ञान के मैदान में विश्व के हर देश के साथ सहयोग के लिए तैयार है।
आयतुल्लाह हाशेमी रफ़संजानी ने तेहरान में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि कुछ लोग आधुनिक विज्ञान के ईरान स्थानांतरण के विरोधी थे किन्तु स्वयं ईरानी, देश में इस विज्ञान का आधार रखेंगे। उन्होंने विश्व में मानव विज्ञान के विकास में ईरान की भूमिका का वर्णन करते हुए बल दिया कि वर्तमान समय में ईरानी युवाओं के पास स्टेम सेल्ज़ हैं जिनसे हर तरह से फ़ायदा उठाया जा सकता है और बड़े बड़े कार्य अंजाम दिए जा सकते हैं। आयतुल्लाह हाशेमी रफ़संजानी ने ईरान में बायो टेक्नालोजी के मैदान में ईरान की ऊंची छलांग की ओर संकेत करते हुए कहा कि इराक़ द्वारा ईरान पर थोपे गये युद्ध के दौरान, देश में हेपाटाइटस के टीके की तकनीक की तैयारी की भूमिका प्रशस्त हो चुकी थी।
हाशेमी रफ़संजानी ने ये भी कहा कि ईरान उन प्राचीन देशों में से एक था जिसके पास सफल मेडिकल साइंस विज्ञान था और पिछली सदियों में मेडिकल के मैदान में हुए महापरिवर्तनों की जड़ें, ईरान की तरफ़ पलटती हैं। उन्होंने अबू अली सीना और ज़करिया राज़ी जैसे ईरानी बुद्धिजीवियों का उल्लेख करते हुए कहा कि यूरोपीयों ने भी मध्ययुगीन दबाव से मुक्ति पाने के बाद मेडिकल के मैदान में प्रगति की।