17 मई 2015 - 03:49
यमन में सऊदी के अमरीका, इस्राईल एवं आईएसएल से भयानक अपराध।

लेबनान के हिज़्बुल्लाह आंदोलन के महासचिव ने फिलिस्तीन से फिलिस्तीनियों के निकाले जाने के दिन का उल्लेख करते हुए कहा कि इस्लामी जगत एक बार फिर उसी प्रकार के संकट का सामना कर रहा है और तकफीरी आतंकवादी इस्लामी पवित्र स्थलों को निशाना बना रहे हैं।

लेबनान के हिज़्बुल्लाह आंदोलन के महासचिव ने फिलिस्तीन से फिलिस्तीनियों के निकाले जाने के दिन का उल्लेख करते हुए कहा कि इस्लामी जगत एक बार फिर उसी प्रकार के संकट का सामना कर रहा है और तकफीरी आतंकवादी इस्लामी पवित्र स्थलों को निशाना बना रहे हैं।
सैयद हसन नसरुल्लाह ने शनिवार को अपने एक भाषण में अपनी बीमारी की रिपोर्टों का खंडन करते हुए कहा कि हमें आज जिस मुसीबत का सामना है वह वर्ष 1948 की मुसीबत से अधिक खतरनाक है।
याद रहे 15 मई  वर्ष 1948 में ज़ायोनियों ने फिलिस्तीन में व्यापक स्तर पर फिलिस्तीनियों का जनसंहार करके लाखों फिलिस्तीनियों को अपनी मातृभूमि छोड़ने पर विवश कर दिया था।
सैयद हसन नसरुल्लाह ने सीरिया के क़लमून क्षेत्र के महत्व की ओर संकेत करते हुए सीरियाई सेना और हिज़्बुल्लाह के जियालों की कार्यवाहियों पर प्रकाश डाला और कहा कि कई क्षेत्रों में तकफीरी आतंकवादी मैदान छोड़ कर भाग खड़े हुए किंतु कलमून का युद्ध अभी ख़त्म नहीं हुआ है किंतु कलमून के बड़े क्षेत्र पर हिज़्बुल्लाह का क़ब्ज़ा हो चुका है।  
सैयद हसन नसरुल्लाह ने कहा कि बहरैन की जनता पांचवें वर्ष भी लगातार संघर्ष जारी रखे है और इस देश की जेलों में स्थिति अत्यन्त दयनीय है।
उन्होंने कहा कि बहरैन की जनता की मांग उनका अधिकार है किंतु विश्व के देशों ने बहरैन की जनता को भुला दिया है। उन्होंने यमन की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि हम यमन पर सऊदी अरब के हमले की पुनः आलोचना करते हैं, विश्व समुदाय की चुप्पी अब भी जारी है किंतु इतनी भीषण बमबारी के बावजूद यमन की जनता डटी हुई है।सैयद हसन नसरुल्लाह ने कहा कि सऊदी अरब का कोई भी उद्देश्य पूरा नहीं हुआ है वह बुरी तरह से नाकाम हो चुका है और आज यमन की जनता और अंसारुल्लाह पहले से अधिक मज़बूत है।
उन्होंने कहा कि आज यमन की जनता का सब से बड़ा दोस्त ईरान है।
सैयद हसन नसरुल्लाह ने कहा कि सऊदी अरब भी , इस्राईल की तरह है । इस्राईल ने भी मस्जिदों पर बमबारी की थी औज्ञ सऊदी अरब भी आज वही काम कर रहा है, मज़ारों पर बमबारी का क्या मतलब हो सकता है?
उन्होंने कहा कि यमन पर सऊदी अमरीकी हमले की सब से खतरनाक बात यह है कि वह किसी भी सीमा में विश्वास नहीं रखते, आम नागरिकों और महिलाओं पर दया नहीं करते और फिलिस्तीन में भी यही होता है और इस्राईल अस्पतालों पर भी बमबारी करता है।
हिज़्बुल्लाह लेबनान के महासचिव ने कहा कि हमारी नज़र में यमन पर सऊदी अरब का हमला, अमरीका, इस्राईल और तकफीरियों के अपराधों से भी अधिक बड़ा अपराध है और इसके विरुद्ध विश्व को आवाज़ उठानी चाहिए।