16 मई 2015 - 14:30
 कैंप डेविड नहीं इस्लाम के कैंप की शरण लें पड़ोसी देश,

इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने कहा कि पैग़म्बरे इस्लाम की पैग़म्बरी की घोषणा के साथ ही इंसानी समाज के नए दौर की शुरुआत हुई।

इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने कहा कि पैग़म्बरे इस्लाम की पैग़म्बरी की घोषणा के साथ ही इंसानी समाज के नए दौर की शुरुआत हुई।
बेअसत अर्थात पैग़म्बरे इस्लामी की पैग़म्बरी की घोषणा की वर्षगांठ के अवसर पर इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेईन से इस्लामी व्यवस्था के उच्चाधिकारियों, समाज के विभिन्न वर्गों और तेहरान में तैनात इस्लामी देशों के राजदूतों से मुलाक़ात के दौरान अपने भाषण में कहा कि बेअसत से मिलने पाले पाठ के अनुसार इंसाफ़ से सुसज्जित समाज का निर्माण तलवार, गोलियों, ऊंचे ऊंचे महलों से नहीं बल्कि सत्य व ईश्वरीय संदेश से किया जा सकता है। राष्ट्रपति रूहानी ने कहा कि जो धर्म रसूले इस्लाम ने इंसानों के सामने पेश किया वह तत्वदर्शिता, इंसाफ़ और शिष्टाचारिक महानताओं का धर्म है। उन्होंने कहा कि इस्लामी शरीअत का हिंसा से दूर दूर का भी कोई संबंध नहीं है और जो लोग धर्म को हिंसा से जोड़ना चाहते हैं उन्होंने वास्तव में धर्म को समझा ही नहीं है। राष्ट्रपति रूहानी ने मुसलमानों के बीच फूट डालने और ईरान की ओर से दूसरों को भयभीत करने की कोशिशों का उल्लेख करते हुए कहा कि ईरान शुरू ही से शांति, न्याय, दूसरों की सहायता, और अत्याचारियों के विरोध के लिए प्रयासरत रहा है और कभी भी अत्याचार सहन नहीं करेगा। राष्ट्रपति रूहानी ने कहा कि ईरान ने किसी भी देश को विरुद्ध अतिक्रमण नहीं किया और न ही भविष्य में  एसा करेगा किंतु यदि उसके विरुद्ध किसी ने अतिक्रमण किया तो आठ वर्षीय प्रतिरक्षा की भांति जवाब देगा। डाक्टर रूहानी ने कहा कि ईरान अपने अधिकारों से अधिक कुछ नहीं चाहता। उन्होंने मुस्लिम और पड़ोसी देशों को संबोधित करते हुए कहा कि आप पैग़म्बरे इस्लाम और इस्लाम के कैंप में शरण लीजिए। कैंप डेविड मत जाइए क्योंकि इस्लाम और पैग़म्बरे इस्लाम का कैंप ही आप का कल्याण कर सकता है।