इस्लामी क्रांति संरक्षक बल सिपाहे पासदाराने इंक़ेलाब आईआरजीसी के कमान्डर ने भीषण संकट ग्रस्त क्षेत्र में ईरान को शांतिपूर्ण द्वीप बताया और कहा कि क्षेत्र में मौजूद समस्त अशांतियां, ईरान में अशांति पैदा करने के उद्देश्य से फैलाई जा रही हैं।
ब्रिगेडियर जनरल मुहम्मद अली जाफ़री ने सेमनान प्रांत में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि आज कोई भी शक्ति ईरान की सीमाओं पर नज़र डालने का साहस नहीं करती और यह शहीदों के ख़ून का परिणाम है जिन्होंने क्रांति के लक्ष्यों के लिए अपने प्राणों की आहूती दे दी। उन्होंने कहा कि यदि परमाणु वार्ता का गहन अध्ययन किया जाए तो हमें पता चलेगा कि विश्व की बड़ी शक्तियां इस्लामी क्रांति के समक्ष झुक गयीं और आज विश्व की सबसे बड़ी भौतिक शक्ति ईरान के सामने घुटने टेकने पर विवश है। ब्रिगेडियर जनरल मुहम्मद अली जाफ़री ने लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन और यमन के जनआंदोलन की ओर से ईरान की इस्लामी क्रांति से प्रेरणा लेने की ओर संकेत करते हुए कहा कि क्षेत्र की समस्त शक्तियां यमनी जनता की सफलता को रोकने के लिए एकजुट हो गयीं किन्तु वे सफल नहीं हुईं। इस्लामी क्रांति संरक्षक बल सिपाहे पासदाराने इंक़ेलाब आईआरजीसी के कमान्डर ने कहा कि ईरान और मुसलमान देशों के विरुद्ध अमरीका और ज़ायोनी शासन के समस्त षड्यंत्रों का परिणाम उलटा निकला। उन्होंने कहा कि सीरिया में सरकार को गिराने के लिए विरोधियों को हथियार देना, इस्लाम के शत्रुओं का हथकंडा है।