तेहरान की केन्द्रीय नमाज़े जुमा के इमाम आयतुल्लाह इमामी काशानी ने कहा कि पश्चिम के भारी दबाव के बावजूद इस्लामी गणतंत्र ईरान शांतिपूर्ण लक्ष्यों के लिए परमाणु गतिविधियां जारी रखेगा।
आयतुल्लाह इमामी काशानी ने नमाज़े जुमा के ख़ुतबों में बल देकर कहा कि ईरान तार्किक सिद्धांतों के आधार पर अपने परमाणु अधिकारों का बचाव करता आ रहा है और साथ ही उसने स्पष्ट शब्दों में कह दिया है कि कभी भी परमाणु हथियार बनाने का प्रयास नहीं किया है।
तेहरान के इमाम जुमा ने कुछ पश्चिमी देशों के अधिकारियों के बयानों की आलोचना की जिसमें वे कहते हैं कि ईरान पर उन्हें भरोसा नहीं है, आयतुल्लाह इमामी काशानी ने कहा कि यह लोग ईरान की सच्चाई और सदभावना पर एसी स्थिति में सवाल उठा रहे हैं कि जब उन्होंने अपने झूठ और स्वतंत्र देशों के मामलों में हस्तक्षेप से विश्व शांति को ख़तरे में डाल दिया है।
आयतुल्लाह इमामी काशानी ने सऊदी अरब के हमलों में यमन के नागरिकों के जनसंहार का हवाला देते हुए कहा कि सऊदी अरब की जनता तथा अन्य अरब एवं इस्लामी देशों के लोगों को चाहिए कि इन आपराधिक कार्यवाहियों पर ख़ामोश न रहें और यदि उन्होंने इस पर आपत्ति न जताई तो वह भी अपनी सरकारों के अपराध में सहभागी समझी जाएगी।
तेहरान की नमाज़े जुमा के इमाम ने अमरीकी कांग्रेस में इराक़ के विभिन्न गुटों को हथियार सप्लाई करने संबंधी प्रस्ताव के बारे में कहा कि यह खेद की बात है कि अमरीकी कांग्रेस इराक़ को शीया, सुन्नी और कुर्द तीन भागों में बांटने का प्रयास कर रही है अलबत्ता इराक़ की जनता एकजुट है और इस साज़िश को नाकाम बना देगी।
आयतुल्लाह इमामी काशानी ने हज़रत अली अलैहिस्सलाम के शुभ जन्म दिवस 13 रजब के उपलक्ष्य में बधाई पेश की।