नेतन्याहू की नई चाल: फायरबंदी बातचीत पर क्या असर पड़ेगा?
अबनाः ग़ज़्ज़ा में फायरबंदी के समझौते के तहत बातचीत तीन स्टेज में होनी थी, जिसमें दूसरा स्टेज सोमवार (कल) से शुरू होना था। लेकिन ऐसा लगता है कि नेतन्याहू के दिमाग में कुछ और प्लान हैं।
दूसरा स्टेज फायरबंदी जारी रखने, इसराइली फौज के ग़ज़्ज़ा से पूरी तरह निकलने और सभी इस्राईली क़ैदियों की रिहाई से जुड़ा है, जिसका मतलब ग़ज़्ज़ा जंग का ऑफिशियल एंड होगा। तीसरा स्टेज, जंग के बाद ग़ज़्ज़ा की रीबिल्डिंग और मैनेजमेंट पर फोकस करेगा।
शनिवार रात, नेतन्याहू के ऑफिस ने बताया कि उन्होंने ट्रंप के वेस्ट एशिया भेजे गए स्पेशल एनवॉय "स्टीव विटकॉफ़" से मुलाकात की। उनके मुताबिक, दोनों के बीच फायरबंदी के दूसरे स्टेज पर बातचीत शुरू करने पर सहमति बनी, लेकिन यह बातचीत दोहा में नहीं बल्कि वाशिंगटन में होगी, और इसमें सिर्फ़ इस्राईल और अमेरिका शामिल होंगे।
आज नेतन्याहू अमेरिका के लिए रवाना होने वाले हैं, जहां वह मंगलवार को ट्रंप से मिलेंगे। इस्राईली नेगोशिएशन टीम और अरब मध्यस्थों के साथ बातचीत कब शुरू होगी, इस पर कोई क्लीयरिटी नहीं है।
इस्राईल का "रहस्यमयी आदमी" संभालेगा बातचीत?
इस्राईली चैनल 12 की रिपोर्ट के मुताबिक, नेतन्याहू "रॉन डर्मर" (इस्राईल के रणनीतिक मामलों के मंत्री) की जगह "डेविड बारनिया" (मोसाद के चीफ) को बातचीत की कमान सौंपने की सोच रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, रॉन डर्मर का सेलेक्शन इस डील को मुश्किल में डाल सकता है, यहां तक कि पहले ही स्टेज में बातचीत फेल हो सकती है।
सूत्रों का कहना है कि अगर डर्मर को जिम्मेदारी दी जाती है, तो इससे हमास और मध्यस्थों को यह संदेश जाएगा कि बातचीत एक सुरक्षा मसले से हटकर अब पूरी तरह पॉलिटिकल हो रही है।
डर्मर इससे पहले इसराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच फायरबंदी बातचीत में चीफ़ नेगोशिएटर रह चुके हैं।
मोसाद और शिन बेट की चेतावनी
वहीं, वेबसाइट "Axios" ने एक सीनियर इसराइली अधिकारी के हवाले से बताया कि नेतन्याहू ने इसराइली टीम से मिलने का प्लान कैंसल कर दिया है और अब वह ट्रंप से मिलने तक सबकुछ रोकना चाहते हैं।
मोसाद और शिन बेट (इस्राईल की सिक्योरिटी एजेंसी) के हेड्स ने चेतावनी दी है कि यह बदलाव बातचीत के दूसरे स्टेज को नुकसान पहुंचा सकता है।
इसराइली अधिकारी ने कहा, "आज जो हुआ, वह दूसरे स्टेज के लिए चिंता की बात है। उम्मीद है कि इसका असर पहले स्टेज पर न पड़े।"
इस्राईली क़ैदियों के परिवारों की नाराज़गी
इधर, इस्राईली क़ैदियों के परिवारों ने शनिवार को चेतावनी दी कि नेतन्याहू और उनके कैबिनेट के एक्सट्रीमिस्ट मंत्री डील को फेल करने की कोशिश में हैं।
परिवारों ने ट्रंप को एक मैसेज भेजते हुए कहा, "नेतन्याहू वही करेगा जो उसने बाइडन के वक्त किया था – डील से बचने की कोशिश। इसे रोकना ज़रूरी है।"
उनका कहना है कि नेतन्याहू की टीम एक मीडिया कैंपेन चला रही है ताकि जंग फिर से शुरू करने को जस्टिफाई किया जा सके और इसका इल्ज़ाम हमास पर डाला जा सके।