ग़ज़्ज़ा जनसंहार में नेतन्याहू के खिलाफ सिर्फ बयानबाज़ी करने वाले तुर्क राष्ट्रपति ने दोगली निति अपनाते हुए जहाँ उस आरंभ से ही इस्राईल के साथ अपने कारोबारी और सैन्य रिश्ते बहाल रखें वहीँ अब एक अन्य मुस्लिम देश के खिलाफ खुल कर इस्राईल के साथ आ खड़े हुए हैं।
सीरिया में जारी संघर्ष के पीछे तुर्की और इस्राईल को मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। सीरिया मे असद सरकार के खिलाफ संघर्ष करने वाले कुछ आतंकी गुटों को तुर्की की ओर से ट्रेनिंग और हथियार के साथ साथ सैन्य सहयोग मिलने का रिपोर्ट सामने आ रही है वहीँ कुछ अन्य संगठनों को अमेरिका और इस्राईल का खुला समर्थन है।
सीरिया में तुर्की समर्थित आतंकी गुट फ्री सीरियन नेशनल आर्मी भी असद सरकार के खिलाफ मोर्चा संभाले हुए है और अफरिन, कल अब्याद और रास अल-ईन जैसे हिस्सों पर इस आतंकी गुट का कब्जा है।
कुछ दिनों पहले एक इंटरव्यू के दौरान ही सीरियन राष्ट्रपति असद ने तुर्की पर, अल क़ायदा फिर नुस्रह फ्रंट और अब हैयत तहरीर अल-शाम (HTS) नाम से पहचाने जाने वाले आतंकी गुट समेत अन्य आतंकी गुटों को फंडिंग करने का आरोप लगाया था।