3 नवंबर 2024 - 20:22
ज़ालिम और मज़लूम के संबंध में हमारी क्या ज़िम्मेदारी है ?

ज़ालिम के दुश्मन और मज़लूम के मददगार बनकर रहो।

:قال الامیرالمؤمنين عليه السلام

وَ كُونَا لِلظَّالِمِ خَصْماً وَ لِلْمَظْلُومِ عَوْناً

نہج البلاغه :مکتوب نمبر 47

अमीरुल मोमेनीन हज़रत अली अस 

ज़ालिम के दुश्मन और मज़लूम के मददगार बनकर रहो।