हैदराबाद से लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सांसद के रूप शपथ के दौरान फिलिस्तीन के समर्थन में नारा लगाया, जिसके बाद विवाद शुरू हो गया है।
विवाद बढ़ने के बाद हालाँकि ओवैसी ने साफ़ शब्दों में कहा कि उन्होंने सदन में कुछ भी गलत नहीं कहा। अब उनके खिलाफ राष्ट्रपति से शिकायत की गई है।
ओवैसी के इस नारे का सत्ताधारी NDA सांसदों ने कड़ा विरोध व्यक्त किया, जिसके बाद चेयर पर बैठे राधा मोहन सिंह ने उसे रिकॉर्ड से निकालने का आदेश दे दिया तब जाकर सदन में शांति हुई। भाजपा ने ओवैसी के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि मौजूदा नियमों के अनुसार उन्हें संसद से अयोग्य ठहराए जाने का आधार है। बीजेपी ने अनुच्छेद 102 का हवाला देते हुए कहा कि ओवैसी को सदस्यता से अयोग्य ठहराया जा सकता है।