16 मई 2024 - 07:29
मज़लूम का समर्थन और ज़ुल्म का विरोध

जो ज़ालिम से मज़लूम का हक़ वापस ले उसका दिफा करे, वह मेरे साथ

:قال رسول اللہ صلی الله علیه و آله و سلم

مَنْ أَخَذَ لِلْمَظْلومِ مِنَ الظّالِمِ كانَ مَعىَ فِى الْجَنَّةِ تَصاحُبا

हज़रत रसूल अल्लाह स.अ. ने फरमाया:

जो ज़ालिम से मज़लूम का हक़ वापस ले उसका दिफा करे, वह मेरे साथ जन्नत में होगा।

बिहारूल अनवार,जिल्द 75,पेज 359,हदीस74