9 दिसंबर 2023 - 09:54
फिलिस्तीनी जनता के साथ आईएसआईएस से बुरा सुलूक कर रहा है इस्राईल

यह पहली बार नहीं है कि ज़ायोनी फ़िलिस्तीनियों के साथ इस तरह का व्यवहार कर रहे हैं।

ज़ायोनी सेना द्वारा ग़ज़्ज़ा में आम नागरिकों की सामूहिक गिरफ़्तारी और उनपर टॉर्चर और बुरे सुलूक की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दुनिया भर में रोष और जनमत पर व्यापक प्रभाव पड़ा है।

ज़ायोनी सैनिकों द्वारा ग़ज़्ज़ा के लोगों की सामूहिक गिरफ्तारी और उनके बंधे हाथों और आंखों पर पट्टी बांधकर जमीन पर लिटाने की तस्वीरें दुनियाभर में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। दुनिया भर में रोष है और विश्व स्तर पर आम लोगों के बीच तीखी प्रतिक्रियाएं हो रही हैं।

यह पहली बार नहीं है कि ज़ायोनी फ़िलिस्तीनियों के साथ इस तरह का व्यवहार कर रहे हैं।

एक महीने में ऐसे कई वीडियो आए हैं जिन में देखा जा सकता है कि ज़ायोनी सैनिक फिलिस्तीनियों से ज्यादतियां कर रहे हैं। इनमें से ज्यादातर वीडियो वेस्ट बैंक के हैं।

खुद टाइम्स ऑफ इजराइल ने एक महीन पहले कहा था कि इन वीडियोज में फिलिस्तीनियों की आंखों पर पट्टी बंधी है। उनके हाथों में हथकड़ी भी है। एक वीडियो ऐसा भी है, जिसमें ज़ायोनी सैनिक 7 फिलिस्तीनियों को बेरहमी से मार रहे हैं। इन लोगों के शरीर पर कपड़े तक नहीं हैं। ये लोग दर्द से कराह रहे हैं। फिर भी सैनिक इन्हें घसीटते हुए इन पर लात-घूंसे बरसा रहे हैं।

7 अक्टूबर के बाद से ज़ायोनी आतंकी, फिलिस्तीनियों के घर जला रहे हैं। पत्थर भी फेंक रहे हैं। ज़ायोनी नागरिक भी हथियार लेकर और मास्क लगाकर फिलिस्तीनियों के साथ मारपीट कर रहे हैं। फिलिस्तीनियों को घर छोड़ने के लिए भी मजबूर किया जा रहा है।

संयुक्त राष्ट्र के आँकड़ों के अनुसार, ज़ायोनी जेलों में कैद लगभग 98 प्रतिशत फिलिस्तीनियों पर कोई आरोप नहीं है और उन्हें उचित प्रक्रिया के बिना जेल में डाल दिया गया है।