ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इस्राईल के अपराधों पर आंखें मूंद ली हैं। हर दिन अवैध ज़ायोनी शासन के सैनिकों द्वारा किए जाने वाले अत्याचारों पर मानवाधिकारों को लेकर बड़े-बड़े दावे करने वाले चुप्पी साधे रहते हैं। वहीं फ़िलिस्तीनियों के पास प्रतिरोध करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि तेहरान फ़िलिस्तीनियों के नरसंहार के लिए आतंकी ज़ायोनी शासन और उसके समर्थकों को ज़िम्मेदार मानता है और इस्लामी देशों से मस्जिदुल अक़्सा और फ़िलिस्तीनी राष्ट्र के समर्थन में उठ खड़े होने की अपील करता है।
8 अक्टूबर 2023 - 17:34
समाचार कोड: 1399068
इस्लामी गणराज्य ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने अलअक़सा तूफान आपरेशन को प्रतिरोधक बलों और उत्पीड़ित फ़िलिस्तीनी जनता का अधिकार बताया है। उन्होंने कहा कि अपनी जान-माल की रक्षा करने का सबको हक़ है और फ़िलिस्तीन राष्ट्र ने भी यही किया है।
प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, इस्लामी गणराज्य ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नासिर कनआनी ने अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीन की ताज़ा स्थिति और आतंकी ज़ायोनी शासन के ख़िलाफ़ अलअक़सा तूफान आपरेशन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि फ़िलिस्तीन की जनता को इस्राईल की भड़काऊ कार्यवाहियों, नस्लभेदी नीतियों और विशेष रूप से ज़ायोनी प्रधानमंत्री की कट्टरपंथी सोच और कार्यावाहियों के ख़िलाफ़ अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा कि सभी अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनों और विनियमों के तहत, फ़िलिस्तीनी लोगों को ज़ायोनी सरकार के अवैध क़ब्ज़े, आक्रामकता, दुर्व्यवहार और राज्य आतंकवाद के ख़िलाफ़ अपनी, अपनी मातृभूमि और पवित्र स्थलों की रक्षा करने का वैध और क़ानूनी अधिकार है।