27 जुलाई 2023 - 17:55
इमाम हुसैन अलै. की सोगवारी में ग़म से निढाल होना।

ऐ अल्लाह उन चीख़ों पर रहमत फ़रमा जो हमारे लिए बुलंद होती हैं।

قَال الصادقؑ :'' اللّٰھُمَّ۔۔۔ وَارْحَمْ تِلْکَ الَا عْیُنَ الَّتی جَرَ تْ دُمُو عُھا رَحْمَۃً لَنٰا وَارْ حَمْ تِلْکَ الْقُلُو بَ الَّتی جَزَعَتْ وَا حْتَر قَتْ لَنٰا وَارْ حَمِ الصَّرْ خَۃَالّتی کٰا نَتْ لنا۔''

इमाम सादिक़ अलै. ने फ़रमाया "ऐ अल्लाह उन आँखों पर रहमत नाज़िल फ़रमा जो हमारे मसाएब पर रोती हैं, ऐ अल्लाह उन दिलों पर रहमत कर जो हमारी मुसीबत में निढाल होते और हमारे लिए कुढ़ते और जलते हैं। ऐ अल्लाह उन चीख़ों पर रहमत फ़रमा जो हमारे लिए बुलंद होती हैं।

(बिहारुल अनवार: जि.98/पेज8)