قال علیّ بنُ الحسینؑ:''اَیُّمَا مُومِنٍ دَمِعَتْ عَینَاہُ لِقَتْلِ الْحُسَینِؑ وَمَنْ َمعَہُ حَتَّی یَسِیْلَ عَلی خَدَّ یْہِ بَوَّاَہُ اللَّہُ فِی الْجَنَّۃِ غُرَفاً
इमामे सज्जाद अलै. ने फ़रमाया: "जिस मोमिन की आँखें हुसैन अलै. और आपके साथियों के क़त्ल पर इस क़द्र रोऐं कि आँसू उसके रुख़सारों पर बहने लगें तो अल्लाह तआला उसे जन्नत की आलीशान रहाइशों में ठहराएगा"(यनाबीउल मवद्दह पेज नं. 429)