रसूले अकरम स.अ. ने फ़रमाया: "बेशक हुसैन अलै. के क़त्ल की वजह से मोमिनों के दिलों में ग़म की एक चिंगारी सुलगती रहती है जो कभी भी ठंडी न होगी।"
(जामेअल अहादीस अलशिया जिल्द 12, पेज556)
इंसान के अंदर इमाम हुसैन अलै. के ग़म का पाया जाना उसके मोमिन होने की निशानी है।
रसूले अकरम स.अ. ने फ़रमाया: "बेशक हुसैन अलै. के क़त्ल की वजह से मोमिनों के दिलों में ग़म की एक चिंगारी सुलगती रहती है जो कभी भी ठंडी न होगी।"
(जामेअल अहादीस अलशिया जिल्द 12, पेज556)