तालिबान के विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया, "हम सभी से अहस्तक्षेप के सिद्धांत का सम्मान करने और हमारे आंतरिक मामलों में किसी भी तरह के हस्तक्षेप से बचने का आह्वान करते हैं।"
अफगानिस्तान मामलों के लिए संयुक्त राष्ट्र महासचिव की विशेष प्रतिनिधि रोजा ओटुनबायेवा ने पिछले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा था कि तालिबान एक तरफ अपनी सरकार को मान्यता देने की मांग करते हैं और दूसरी तरफ महिलाओं और लड़कियों पर प्रतिबंध लगाते हैं। जो संयुक्त राष्ट्र चार्टर में निहित मूल्यों और सिद्धांतों से असंगत हैं। उन्होंने आगे कहा कि जब तक अफगान महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ प्रतिबंध नहीं हटाए जाते, तब तक तालिबान सरकार को मान्यता देना संभव नहीं है।