9 जून 2023 - 03:53
ईरान की मिसाइल गतिविधियां कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के अनुरूप हैं।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नासिर कनआनी ने कहा है कि ईरान की रक्षा रणनीति दुश्मनों को आक्रामकता से डराने पर आधारित है, जिसके लिए सशस्त्र बलों की सैन्य क्षमताओं को बढ़ाना और उन्हें आधुनिक और शक्तिशाली हथियार प्रदान करना आवश्यक है।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नासिर कनआनी  ने कहा है कि ईरान की रक्षा रणनीति दुश्मनों को आक्रामकता से डराने पर आधारित है, जिसके लिए सशस्त्र बलों की सैन्य क्षमताओं को बढ़ाना और उन्हें आधुनिक और शक्तिशाली हथियार प्रदान करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इसी आधार पर 6 जून, 2023 को फतह हाइपरसोनिक मिसाइल का अनावरण किया गया, जो इस्लामिक रेवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स एयरोस्पेस फोर्स की नवीनतम उत्कृष्ट उपलब्धि है।

गौरतलब है कि इस मिसाइल को दुनिया की सबसे उन्नत मिसाइलों में से एक माना जाता है, जिसे किसी भी मौजूदा मिसाइल रक्षा प्रणाली द्वारा रोका नहीं जा सकता है। इस मिसाइल ने पश्चिमी देशों के मुँह का मज़ा कड़वा कर दिया और इसीलिए यूरोप और अमेरिका, ईरान की इस नई रक्षा क्षमता पर जहर उगल रहे हैं।

व्हाइट हाउस में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के रणनीतिक संबंध कोआरडिनेटर जॉन किर्बी ने दावा किया है कि उनके अनुसार, फ़तह मिसाइल का प्रक्षेपण, क्षेत्र में ईरान की अस्थिर करने वाली कार्रवाइयों के उद्देश्य से है, जिसमें बैलिस्टिक मिसाइल विकास कार्यक्रम के खिलाफ जो बिडेन की कार्रवाई भी शामिल है। वे स्पष्ट, सटीक और दृढ़ रहे हैं।

उन्होंने इस मौके पर कहा कि वह ईरान की हाइपरसोनिक मिसाइल के बारे में आ रही खबरों पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। जॉन किर्बी ने आगे दावा किया है कि अमेरिका तेहरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम के खिलाफ प्रतिबंधों सहित ईरान की कार्रवाइयों का मुकाबला करना जारी रखेगा।

इस बीच, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की फतह मिसाइल पर पश्चिमी देशों के बयानों को हस्तक्षेप करने वाला करार दिया और कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान की मिसाइल गतिविधियां कानून, पारंपरिक रक्षा सिद्धांतों, अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार हैं। इसलिए पश्चिमी देशों के बयानों को सिरे से खारिज कर दिया जाता है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नासिर कनआनी  ने कहा कि ईरान पर उन देशों द्वारा आरोप लगाया जा रहा है जिन्होंने कई बार अंतरराष्ट्रीय कानूनों और समझौतों का उल्लंघन किया है और ये वे देश हैं जिन्होंने परमाणु हथियारों के परीक्षण पर प्रतिबंध और परमाणु अप्रसार का उल्लंघन किया है। मिसाइलें क्षेत्रीय और वैश्विक मामलों की उपेक्षा और विकृत करने का बीड़ा उठा रही हैं।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने जोर देकर कहा है कि ऐसे देशों को इस्लामी गणराज्य ईरान की कानूनी और पारंपरिक रक्षा क्षमताओं पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने ग्रेट ब्रिटेन, संयुक्त राज्य अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया द्वारा बैल संधि पर हस्ताक्षर को पश्चिम के राजनीतिक, अनुचित और दोहरे व्यवहार का स्पष्ट प्रमाण बताया, जिसके तहत ऑस्ट्रेलिया जैसे गैर-परमाणु देश को उच्च श्रेणी के यूरेनियम की आपूर्ति की जा रही है। , जो एक गैर-परमाणु हथियार है।यह अप्रसार समझौते का स्पष्ट उल्लंघन है।

अपने बयान में, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस्लामी गणराज्य ईरान के सशस्त्र बलों के निरंतर प्रयासों और देश की रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने, बाहरी खतरों से निपटने और राष्ट्रीय सुरक्षा को स्थिर करने में इसे प्रभावी और उपयोगी बनाने के लिए उनकी रणनीतिक उपलब्धियों की प्रशंसा की। कहा गया।

गौरतलब है कि हाइपरसोनिक मिसाइल तकनीक के अधिग्रहण और उसके क्रियान्वयन को आधुनिक युद्ध के क्षेत्र में ईरान की बड़ी, निर्णायक और क्रांतिकारी उपलब्धि माना जा रहा है।

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, उन्नत पश्चिमी देश और उनकी मिसाइल रोधी प्रणालियाँ हाइपरसोनिक मिसाइलों को रोकने में सक्षम नहीं हैं, जिसका एक स्पष्ट उदाहरण यूक्रेन में युद्ध में देखा गया था जब कीफ़ में नाटो की वायु रक्षा प्रणालियों रूस के फ़ायर किए गए हाइपरसोनिक मिसाइल को रोकने में बुरी तरह विफल रहे।