27 मई 2023 - 07:34
ईरान के स्ट्रैटैजिक मिसाइल का अनावरण, नाम है ख़ैबर जिसमें कई गहरे अर्थ छिपे हैं

ईरान इस समय ख़ुर्रमशहर की आज़ादी की सलगिरह का जश्न मना रहा है। ईरान पर सद्दाम शासन द्वारा थोपे गए आठ वर्षीय युद्ध के दौरान ईरान को 24 मई 1982 को मिलने वाली यह बहुत बड़ी कामयाबी थी जब ईरानी फ़ोर्सेज़ ने ख़ुर्रमशहर को सद्दाम की सेना के क़ब्ज़े से आज़ाद कराया था।

इसके साथ ही पैग़म्बरे इस्लाम के पौत्र इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम का शुभ जन्म दिवस भी नज़दीक है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर ईरान ने अपने नए मिसाइल का अनावरण कर दिया।

यह लंबी दूरी तक मार करने वाला और बहुत सटीक रूप से अपने लक्ष्य को ध्वस्त कर देने वाला मिसाइल है जिसका नाम ख़ैबर है।

यह तरल ईंधन प्रयोग करने वाला मिसाइल है जिसकी मारक दूरी 2 हज़ार किलोमीटर है और डेढ़ हज़ार किलोग्राम का वारहेड अपने साथ ले जा सकता है। इस मिसाइल की ख़ास बातों में एक यह है कि फ़ायर होने के बाद भी इसे कंट्रोल किया जा सकता है और इसकी दिशा में ज़रूरत पड़ने पर बदलाव हो सकता हैं। इसका पूरी कंट्रोलिंग सिस्टम उस समय भी भरपूर काम करता है जब वह हवा में होता है। इलेक्ट्रानिक जंग में यह मिसाइल पूरी तरह सुरक्षित है और बड़ी कामयाबी से अपने लक्ष्य को भेद सकता है।

यह सही है कि देशों की रक्षा ज़रूरतें अलग अलग तरह की हैं। ईरान स्ट्रैटेजिक स्थान पर स्थित होने के नाते हमेशा बाहरी दुशमनों के निशाने पर रहा है इस लिए इस देश के लिए ज़रूरी है कि अपनी रक्षा क्षमताओं को क़ायम रखे।

इस्लामी इंक़ेलाब के नेता आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई भी इस पर बार बार बल देते रहे हैं कि रक्षा तैयारियां पूरी रहनी चाहिएं। उन्होंने अपने एक भाषण में कहा था कि ईरान का किसी भी देश पर हमला करने का इरादा नहीं है लेकिन उसे अपनी रक्षा क्षमताओं को इस तरह विस्तार देना चाहिए कि कोई भी दुश्मन ईरान पर हमला करने से डरे और क्षेत्र में शांति का माहौल रहे।

ईरान के पास इराक़ की सद्दाम सरकार से आठ साल की जंग का महत्वपूर्ण अनुभव है और दूसरी ओर ईरान पर लंबे समय से सामरिक प्रतिबंध लगे हुए हैं इसलिए वह अपनी रक्षा शक्ति और मिसाइल पावर ख़ुद ही बढ़ाने पर काम करता रहा है।

ईरान ने इसी क्रम में कई तरह के मिसाइल बनाए जिनमें कम, मध्यम और लंबी दूरी के मार करने वाले मिसाइल शामिल हैं। शहाब, फ़ातेह, क़याम, एमाद, सिज्जील, ख़ुर्रमशहर, देज़फ़ूल, फ़ातेह मुबीन, राद 500 यह सब ईरान के महत्वपूर्ण मिसाइलों में हैं जिनकी वजह से ईरान की प्रतिरोधक क्षमता का स्तर संतोषजनक बना हुआ है।

ईरान की मिसाइल और ड्रोन ताक़त का अब यह आलम है कि दुश्मन भयभीत और बहुत नाराज़ हैं। अमरीका की सेंट्रल कमांड के प्रमुख एरिक कोरीला ने कहा कि पांच साल पहले की तुलना में ईरान की सामरिक शक्ति काफ़ी बढ़ चुकी है और पश्चिमी एशिया के इलाक़े में ईरान बहुत बड़े मिसाइल व ड्रोन शस्त्रागार का मालिक है। ईरान इस इलाक़े की बड़ी ड्रोन ताक़त है।

ज़ाहिर है कि ईरान की आर्म्ड फ़ोर्सेज़ को जंग का सटीक अनुभव है और उन्होंने अपनी ज़रूरत के हथियार और उनकी तकनीक ख़ुद ही डेवलप की है। ख़ैबर मिसाइल का अनावरण इसकी एक मिसाल है।

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