ईरान मानवाधिकार आयोग के सचिव ने पश्चिमी देशों को आतंकवादी गुटों का स्वर्ग बताया है।
काज़िम ग़रीबाबादी का कहना है कि ईरान की जनता आतंकवाद का शिकार रही है। उन्होंने कहा कि आतंकवादी गुटों के सुरक्षित स्थल के रूप में पश्चिमी देश, उनके लिए स्वर्ग बने हुए हैं। ग़रीबाबादी ने कहा कि यही देश अब ईरान पर आतंकी गुटों के समर्थन का आरोप मढ रहे हैं।
1979 में सफल होने वाली इस्लामी क्रांति के बाद से अबतक ईरान के सत्रह हज़ार से भी अधिक लोग, आतंकी गुटों की आतंकी कार्यवाहियों का लक्ष्य बन चुके हैं।
इस्लामी क्रांति की सफलता के आरंभ से ही अमरीका, उन आतंकी गुटों का राजनीतिक और आर्थिक समर्थन करता आया है जो इस्लामी गणतंत्र ईरान की जनता के विरुद्ध आतंकी कार्यवाहियां करते रहे हैं। वर्तमान समय में तो पश्चिमी देश इन आतंकी गुटों के लिए स्वर्ग का स्थान रखते हैं क्योंकि यह आतंकी वहां पर हर प्रकार से सुरक्षित हैं।
ईरान के मानवाधिकार आयोग के सचिव काज़िम ग़रीबाबादी ने यह बातें तेहरान में वरिष्ठ ईसाई धर्मगुरू के साथ भेंट में कहीं। उन्होंने कहा कि ईरान में कई अल्पसंख्य समुदाय पाए जाते हैं।
काज़िम ग़रीबाबादी के अनुसार मानवाधिकारों का दावा करने वाले देशों में अब एक मस्जिद बनवाना भी लगभग असंभव हो चुका है जबकि ईरान में ईसाइयों के लगभग 400 गिरजाघर या उपासना स्थल मौजूद हैं।
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