अफ़ग़ानिस्तान के भूतपूर्व राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने काबुल में ईरान के राष्ट्रपति के विशेष दूत हसन काज़मी क़ुम्मी से मुलाक़ात की। इस मुलाक़ात में उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान संकट के समाधान के मुद्दे पर विचार-विमर्श किया। करज़ई का कहना था कि इस्लामी गणतंत्र ईरान, अफ़ग़ानिस्तान का बहुत पुराना दोस्त है और उसने बहुत से क्षेत्रों में हमारी सहायता की है।
बहुत से राजनैतिक टीकाकार कहते हैं कि वर्तमान समय में अफ़ग़ानिस्तान जिन कठोर परिस्थितियों से गुज़र रहा है वे अमरीका के कारण हैं। अमरीका ने अफ़ग़ानिस्तान के लगभग 10 अरब डालर ब्लाक कर रखे हैं। इसके अतिरिक्त पिछले 20 वर्षों के दौरान अमरीका ने अफ़ग़ानिस्तान का परिवेष्टन कर रखा था। इस दौरान उसने इस देश में विकास के लिए कोई भी काम नहीं किया बल्कि यहां के संसाधनों का दोहन करता रहा। दो दशकों के दौरान अमरीका ने अफ़ग़ानिस्तान के मूलभूत ढांचे को पूरी तरह से नष्ट कर दिया।
अमरीकी सैनिकों के अफ़ग़ानिस्तना से भाग जाने के बाद 15 अगस्त सन 2021 को तालेबान ने इस देश की सत्ता अपने हाथों में लेली। तालेबान के सत्ता संभालने के बाद भी वहां की जनता की परेशानियों में कोई कमी दिखाई नहीं दे रही है।
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