सोशल मीडिया पर इन दिनों अमेरिका के कुछ वीडियो जमकर वायरल हो रहे हैं जिसमे नौजवान ठोकरें खाते हुए नशे के आलम में लड़खड़ाते हुए ज़ोम्बियों की तरह चलते हुए और हरकतें करते हुए नज़र आ रहे हैं। जिस से अमेरिकी समाज में खौफ फैला हुआ है।
कहा जा रहा है कि यह सब एक दवा के कारण हो रहा है और इस दवा ने अमेरिका के लोगों को खौफ के साये में रहने के लिए मजबूर कर दिया है।
इस दवा ने हाहाकार मचा रखा है. दवा का नाम है जाइलाज़ीन (Xylazine). जिसे ट्रंक या ज़ोम्बी भी कहा जा रहा है।यह दवा इस्तेमाल करने के बाद होने वाले साइड इफेक्ट के चलते लोगों की स्किन धीरे-धीरे सड़ रही है. इसको लेकर कहा जा रहा है कि यह इंसानों को जॉम्बी में तब्दील कर दे रही है.
मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो जो लोग भी इस दवा का इस्तेमाल करते हैं उनमें अधिकतर लोगों की स्किन पर इसका असर पड़ रहा है. बताया जा रहा है कि इसके सेवन के बाद खाल सड़ने लगती है. एक्सपर्ट की माने तो, इस दवा का इस्तेमाल जानवरों को बेहोश करने में किया जाता है, लेकिन अब इसका इस्तेमाल हेरोइन जैसे ड्रग्स की काट के तौर पर भी किया जा रहा है. लेकिन नतीजे और खतरनाक सामने आ रहे हैं।
जाइलाज़ीन की बात करें इसका प्रभाव बेहोशी वाली दवा की तरह का ही है. इसे लेने वाले शख्स की सांसें धीमी हो जाती हैं, इसे खाने वाला धीरे धीरे नींद की चपेट में चला जाता है. आदमी का अपने नर्वस सिस्टम पर कोई कंट्रोल नहीं रहता और चलते हुए बैलेंस बनाना भी मुश्किल होता है। इस के साइड इफ़ेक्ट के नतीजे में बदन पर जख्म दिखने लगते हैं. वहीं एक वक्त ऐसा आता है कि इंसान की स्किन इस कदर सड़ गल जाती है कि बदन के उस हिस्से को काट कर निकालना पड़ रहा है.
अमेरिका के एंटी ड्रग्स विभाग का कहना है कि यह ड्रग्स अमेरिका के कम से कम 48 राज्यों में जड़ें जमा चुका है। सबसे पहले यह ड्रग फिलाडेल्फिया में मिली. इसके बाद यह सैन फ्रांसिस्को और लॉस एंजिलिस से होते हुए देश भर के कई ठिकानों में पहुंची और इसकी खपत बढ़ने लगी. दावा किया जा रहा है कि इस दवा को लेते ही लोग जॉम्बी जैसी हरकतें करने लगते हैं. जिससे अधिकारियों की टेंशन बढ़ गयी है.