31 मार्च 2023 - 16:55
अमेरिका पर लगाया  ICC ने कड़ा जुर्माना, ईरान के हक़ में फ़ैसला।

इंटरनेशनल कोर्ट में ईरान की ओर से अमेरिका के खिलाफ दायर की गयी शिकायत पर ईरान की जीत के बारे में रिपोर्ट देते हुए अल अरबिया ने कहा कि ICC के जजों ने अमेरिका की ओर से ईरान की ज़ब्त की गई 1 ,7 अरब डॉलर की रक़म के बारे में फ़ासिला सुनाते हुए कहा कि वाशिंगटन ने ग़ैर क़ानूनी रूप से अपने अदालतों को ईरानी कंपनियों की दौलत हड़पने का हुक्म दिया था। ICC ने फ़ासिला सुनाते हुए कहा है कि अमेरिका को इसका हर्जाना देना होगा।

अमेरिका को एक बार फिर ईरान के आगे शर्मिंदा होना पड़ा जब उसे इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट में ईरान के खिलाफ अपनी हरकतों के लिए शर्मिंदगी और अपमान का सामना करना पड़ा। 

इंटरनेशनल कोर्ट में ईरान की ओर से अमेरिका के खिलाफ दायर की गयी शिकायत पर ईरान की जीत के बारे में रिपोर्ट देते हुए अल अरबिया ने कहा कि ICC के जजों ने अमेरिका की ओर से ईरान की ज़ब्त की गई 1 ,7 अरब डॉलर की रक़म के बारे में फ़ासिला सुनाते हुए कहा कि वाशिंगटन ने ग़ैर क़ानूनी रूप से अपने अदालतों को ईरानी कंपनियों की दौलत हड़पने का हुक्म दिया था। ICC ने फ़ासिला सुनाते हुए कहा है कि अमेरिका को इसका हर्जाना देना होगा। हालाँकि अंतर्राष्ट्रीय अदालत ने हर्जाने की रक़म के बारे में अभी कुछ नहीं बताया है। हर्जाने की रक़म का ऐलान अदालत की ओर से बाद में किया जाएगा। 

एसोसिएटेड प्रेस ने इस बारे में खबर देते हुए कहा कि कोर्ट ने हर्जाने की रक़म तय नहीं की इस बारे में दोनों देशों को मिलकर बात करते हुए किसी एक नतीजे पर पहुंचना होगा और हर्जाने की रक़म के लिए कोई समझौता करना होगा। अगर दोनों देश किसी नतीजे पर न पहुंचे तो फिर इस मामले में ICC का रुख करना होगा। 

अदालत ने जुर्माने की रक़म पर कोई समझौता करने के लिए फैसले की तारीख़ से अगले दो साल तक का वक़्त तय किया है। इस मुद्दत में दोनों पक्ष ईरान को हुए नुकसान और उसे मिलने वाले हर्जाने पर आपसी रज़ामंदी से कोई फैसला ले लें। अगर ऐसा नहीं होता तो किसी भी पक्ष की दरखास्त पर अदालत खुद इस हर्जाने की रक़म को तय करेगी। 

वहीँ हेग कोर्ट ने सेंट्रल बैंक ऑफ ईरान की 1.57 बिलियन डॉलर से अधिक की सीज़ संपत्ति के बारे में कहा कि इस बारे में कोई भी फैसला सुनाना हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं है। हाँ ईरानी कंपनियों की जो संपत्ति अमेरिका की ओर से ज़ब्त की गई है हम उसकी जांच करते रहेंगे और इस बारे में अदालती कार्रवाई जारी रहेगी। 

रायटरज़ की रिपोर्ट के अनुसरा ईरान ने 2016 में अमेरिका की तरफ से कई ईरानी कंपनियों की संपत्ति सीज़ करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायलय में शिकायत दर्ज कराई थी। 

ICC के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान विदेश मंत्रालय ने इसे ईरान के क़ानूनी रुख और अमेरिका के ग़ैर क़ानूनी रवैये का प्रतीक बताया है। अदालत ने अपना फ़ासिला सुनाते हुए अमेरिका के सारे बेबुनियाद आरोप और दावों को गलत ठहराया है। अमेरिका अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनों का कोई सम्मान नहीं करता और उसने 1995 में ईरान और अमेरिका के बीच हुए आर्थिक और कांसुलर राइट्स से संबंधित सभी समझौतों की धज्जियाँ उड़ाई है।