चीन की पहल पर मुस्लिम जगत के दो अहम् देशों ईरान और सऊदी अरब के बीच सुधरते रिश्तों को बहुत से राजनैतिक विश्लेषक इस सदी का सबसे बड़ा कारनामा बता रहे हैं वहीँ अब चीन ने एक और बड़ा क़दम उठाते हुए फारस की खाड़ी के देशों के नेताओं की बैठक बुलाई है जिसमे ईरान भी हिस्सा लेगा।
अमेरिकी समाचार पत्र वॉल स्ट्रीट जर्नल ने खबर देते हुए कहा कि चीन इसी महीने के आखिर तक खाड़ी के अरब देशों के नेताओं की बैठक बुलाने की योजना पर काम कर रहा है जिसमे ईरान भी हिस्सा लेगा। इस से पहले चीन ने ईरान और सऊदी अरब के रिश्ते बहाल कराने में अहम् भूमिका निभाई जो पिछले 7 साल से एक दुसरे से राजनीति रिश्ते खत्म किये हुए थे। अब चीन खाड़ी के 6 अरब देशों के राष्ट्र प्रमुखों की बैठक इसी महीने के आखिर तक बुलाने की योजना बना रहा है और खास बात यह है कि ईरान भी इस बैठक में हिस्सा लेगा।
वॉल स्ट्रीट जर्नल ने ने लिखा कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की कूटनीतिक पहल से पता चलता है कि बीजिंग पश्चिम एशिया में खुद को एक नए शक्ति केंद्र और ऐसे प्रभावी देश के रूप में देख रहा है जो अलग अलग देशों के बीच मीडिएटर का काम कर सकता है। वह खुद को इस इलाक़े के नया बाज़ीगर मान रहा है। उस इलाक़े का जहाँ एक लंबे अर्से से अमेरिका प्रभावी भूमिका निभाता रहा है।
इलाक़े से सिर्फ ऊर्जा और कारोबार पर निर्भर न रहते हुए इस इलाक़े के सियासी मामलों में भी चीन की बढ़ती दिलचस्पी ने दिखा दिया है कि बीजिंग और वाशिंगटन के बीच कॉम्पिटिशन के नए मैदान तैयार हैं।
चीन ने बंद दरवाज़ों के पीछे ईरान और सऊदी अरब के रिश्ते बहाल कराएं हैं और इन रिश्तों की बहाली के साथ ही तेहरान और रियाज़ के बीच बहुत से संवेदनशील और अहम् मुद्दों को सुलझाने की कवायद शुरू हो चुकी है।