रूस ईरान और चीन के बीच बढ़ती
नज़दीकियां जहाँ दुनिया भर में अमेरिका के एकाधिकार को तेज़ी से खत्म कर रही है वहीं
अमेरिका इस चुनौती से निपटने के लिए मनमाने और अमानवीय प्रतिबंध थोपने में लगा हुआ
है।
ईरान और रूस के बीच राजनैतिक और रणनीतिक सहयोग के साथ साथ अब सैन्य सहयोग भी तेज़ हो रहा है और इसी का नतीजा है कि रूस से ईरान को सुखोई 35 मिलने की खबरों के साथ ही अब कहा जा रहा है रूस जल्द ही ईरान को अपना अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम्स S400 दे सकता है।
ब्लूमबर्ग ने अपने सूत्रों के हवाले से खबर देते हुए कहा है कि ईरान रूस से S-400 एयर डिफेंस सिस्टम्स खरीदने में दिलचस्पी ले रहा है और रूस जल्द ही तेहरान को यह सिस्टम सौंप सकता है। ब्लूमबर्ग ने कहा कि हालाँकि रूस ने अभी तक इस मामले में कुछ भी खुल कर नहीं कहा है लेकिन यूक्रेन संकट शुरू होने के बाद से ही तेहरान और मास्को के बीच नज़दीकियां बढ़ी हैं। इस रिपोर्ट के मुताबिक़ दो साल से भी कम समय में तेहरान को यह सिस्टम मिल सकता है।
रूस और ईरान के बीच बढ़ते रिश्ते पश्चिमी जगत और खास तौर पर अमेरिका बेहद चिंतित है और वाशिंगटन कई बार इस मुद्दे पर खुलकर बयान दे चुका है।
वहीँ अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने एक बार फिर ईरान के खिलाफ अमानवीय और ग़ैर क़ानूनी पाबंदिया लगाते हुए ईरान से जुडी 6 कंपनियों और उनके 20 से आदिक शिप पर पाबंदियां लगा दी हैं।
अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर वियतनाम, ईरान , UAE और चीन में स्थित इन 6 कंपनियों के खिलाफ पाबंदी की घोषणा की है।
अमेरिका की ओर से ईरान स्थित बुशहर पेट्रोकेमिकल कंपनी
चीन स्थित ग्लोबल मरीन शिप मैनेजमेंट CO., LTD
वियतनाम स्थित गोल्डन लोटस आयल गैस एंड रियल एस्टेट जॉइंट स्टॉक कंपनी
चीन स्थित शंघाई जुआनरन शिपिंग कंपनी
शीराज़ पेट्रोकेमिकल कंपनी
UAE स्थित स्वीडिश मैनेजमेंट कंपनी
पाबंदी लगाने की खबर दी गई है।