सूडान में सैन्य शासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर
रहे लोगों के खिलाफ बल प्रयोग करते हुए सेना ने एक प्रदर्शनकारी को गोली मार दी।
जिस से उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गयी।
अल क़ुद्स अल अरबी की रिपोर्ट के अनुसार सूडान में पिछले दिनों से सैन्य शासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। ऐसे ही राजधानी में हो रहे एक विरोध प्रदर्शन को कुचलते हुए सेना ने एक शख्स को गोली मार दी।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रपति भवन की ओर बढ़ते प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सेना और सुरक्षा बलों ने भरपूर बल प्रयोग किया। प्रदर्शनकारी फिर भी नहीं रुके तो सुरक्षा बलों ने गोली चलाते हुए एक प्रदर्शनकारी की हत्या कर दी।
सूडान डॉक्टर्स की सेंट्रल समिति ने बयान जारी करते हुए कहा कि सेना और सुरक्षा बलों की गोलीबारी के नतीजे में एक व्यक्ति की मौत हो गयी है।
पीपुल्स रेजिस्टेंस कमेटियों ने सेना और पुलिस बल से अपील करते हुए कहा है कि वह लोगों की जाएज़ मांगों का समर्थन और सैन्य शासन को उखाड़ने में देश की जनता का साथ दें।
सैन्य शासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में अब तक सेना के हाथों मारे जाने वाले लोगों का ब्यौरा देते हुए सूडान डॉक्टर्स की सेंट्रल समिति ने कहा है कि 25 अक्टूबर 2021 से अब तक विरोध प्रदर्शनों में शामिल 125 लोग मारे गए हैं। देश की सत्ता में हस्तक्षेप और सरकार को सेना की ओर से कंट्रोल करने के विरोध में सूडान में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
सेना के विद्रोह के बाद देश की सत्ता से हटाए गए प्रधानमंत्री अब्दुल्लाह हमदूक के साथ हाल ही में सेना ने एक समझोत किया था। जिसके बाद अब्दुल्लाह हमदूक को फिर से सत्ता की बागडोर संभालना थी।
सूडानी मीडिया के अनुसार सूडान के पूर्व शासक उमर बशीर के दल अलावा सूडान की सभी राजनैतिक पार्टियों और सेना के बीच समझौता हुआ था की अब्दुल्लाह हमदूक फिर से सरकार बनाएंगे।
कहा जा रहा था कि हमदूक और सैन्य शासन के बीच राजनैतिक बंदियों की आज़ादी समेत कई अहम् मुद्दों पर सहमति बन गयी थी लेकिन फिर अचानक ही 2 जनवरी को अब्दुल्लाह हमदूक ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया।