6 जनवरी 2023 - 19:31
मस्जिदुल पर हमला पूरे क्षेत्र की स्थिति के विस्फोटक होने का कारण बनेगाः सय्यद हसन नसरुल्लाह

ज़ायोनी सैनिकों और कुछ अतिवादी जायोनियों ने मस्जिदुल अक्सा पर हमला किया जिस पर दूसरे देशों ने प्रतिक्रिया जताई है। इस्राईल की आंतरिक सुरक्षा के मंत्री ने इस हमले में अतिवादी ज़ायोनियों का समर्थन किया।

चीन और संयुक्त अरब इमारात ने इस हमले की प्रतिक्रिया में सुरक्षा परिषद की बैठक का आह्वान किया है। रोचक बात यह है कि मंगलवार को होने वाले हमले में इस्राईल की आंतरिक सुरक्षा के मंत्री इतमार बिन गावेर भी शामिल थे। जब से बिन यामिन नेतनयाहू के नये मंत्रिमंडल ने काम आरंभ किया है तब से यह जायोनियों का एकमात्र अपराध नहीं है। बिन यामिन यामिन नेतनयाहू के मंत्रिमंडल ने पिछले हफ्ते गुरूवार से अपना कार्य आरंभ किया है और तब से अब तक एक हफ्ते के अंदर कम से कम जायोनी सैनिकों ने 6 फिलिस्तीनियों को शहीद कर दिया है।

जायोनी शासन की नस्लभेदी कार्यवाहियां व अपराध इस बात के सूचक हैं कि नेतनयाहू के नये मंत्रिमंडल ने फिलिस्तीनियों के खिलाफ अपने अपराधों और हिंसा में गति प्रदान कर दी है और यह एसा विषय है जो क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का कारण बना है। इस्लामी गणतंत्र ईरान, सऊदी अरब, तुर्किये, कतर और संयुक्त अरब इमारात सहित विभिन्न देशों ने फिलिस्तीनियों के खिलाफ जायोनी शासन के ताज़ा अपराधों की भर्त्सना की है। इसी बीच चीन और संयुक्त अरब इमारात ने इस मामले की समीक्षा के लिए सुरक्षा परिषद की बैठक का आह्वान किया है। फिलिस्तीनी भी अपने खिलाफ जायोनी शासन के अपराधों को रोकवाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस्राईल पर दबाव डलवाये जाने के इच्छुक हैं।

फिलिस्तीनी प्रशासन के प्रमुख महमूद अब्बास ने भी न्यूयार्क में राष्ट्रसंघ में फिलिस्तीनी राजदूत से कहा है कि वह जायोनी शासन के नये मंत्रिमंडल के अपराधों को रोकवाने के संबंध में सुरक्षा परिषद में यथासंभव प्रयास करें। जायोनी शासन के प्रधानमंत्री बिनयामिन नेतनयाहू अगले सप्ताह संयुक्त अरब इमारात की यात्रा पर जाना चाहते थे परंतु क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की ओर से इस्राईल पर पड़ने वाला दबाव इस बात का कारण बना कि उन्होंने अपनी अरब इमारात यात्रा को विलंबित कर दिया है।

प्रतीत यह हो रहा है कि इस्राईल के नये मंत्रिमंडल पर क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की ओर से जो दबाव पड़ रहे हैं उसके दो फैक्टर हैं। पहला फैक्टर यह है कि सबका मानना है कि जायोनी शासन का नया मंत्रिमंडल अतिवादी जायोनियों का है और इस मंत्रिमंडल में अतिवादी जायोनी शामिल हैं जबकि दूसरा फैक्टर यह है कि विभिन्न देशों के विश्लेषकों का मानना है कि जायोनियों के अतिवादी मंत्रिमंडल से पश्चिम एशिया के क्षेत्र पर भारी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। लेबनान के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हिज़्बुल्लाह के महासचिव सैयद हसन नसरुल्लाह ने मंगलवार की रात को अपने भाषण में जायोनी शासन के नये मंत्रिमंडल की गतिविधियों को नियंत्रित करने का आह्वान किया और चेतावनी दी है कि कुद्स पर अतिक्रमण का अर्थ न केवल फिलिस्तीन और कुद्स बल्कि पूरे क्षेत्र की स्थिति के विस्फोटक हो जाने का कारण बनेगा।

जानकार हल्कों का मानना है कि इस्राईल के प्रति पश्चिमी व यूरोपीय देशों का व्यापक समर्थन और जायोनी शासन के साथ संबंधों को सामान्य बनाने हेतु कुछ अरब देशों के प्रयास इस्राईल के अधिक दुस्साहसी होने का कारण बना है। MM