इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता ने जायोनी शासन के मुकाबले में फिलिस्तीनियों को मिलने वाली प्रगति और इराक, सीरिया और यमन में प्रतिरोध को मिलने वाली उपलब्धियों की ओर संकेत किया और कहा कि जनरल कासिम सुलैमानी ने पवित्र प्रतिरक्षा काल के अनुभवों का लाभ उठाकर और अपने दोस्तों से सलाह- मशवेरा करके प्रतिरोध को ऐसा मोर्चा बना दिया कि देश की संभावनाओं को आधार बनाकर उस पर विश्वास व भरोसा किया जा सकता है।
इसी प्रकार उन्होंने दाइश और उसकी बहुत सी जड़ों को नष्ट करने को जनरल शहीद कासिम सुलैमानी का एक महत्वपूर्ण कार्य बताया और कहा कि इस मामले में भी उन्होंने अच्छी परीक्षा दी। इसी प्रकार सर्वोच्च नेता ने शहीद जनरल कासिम सुलैमानी के संबंध में आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में लोगों की स्वेच्छा से भागीदारी को उनकी निष्ठा का परिणाम बताया और कहा कि पिछले साल की भांति इस साल भी लोग जनरल शहीद कासिम सुलैमानी के संबंध में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में बढ़चढ़ कर भाग लेंगे और ईश्वर की कृपा से इस संबंध में कोई कमी नहीं है।
उन्होंने साहस, ईमान, ज़िम्मेदारी स्वीकार करने, जान जोखिम में डालने ,होशियारी, बुद्धि और अधूरे रह जाने वाले कामों में अग्रणी की भूमिका निभाने को शहीद जनरल कासिम सुलैमानी की कुछ व्यक्तिगत विशेषता बताया और कहा कि उनकी निष्ठा उनकी समस्त विशेषताओं में सर्वोपरि थी और यही बात इस चीज़ का कारण बनी कि दुनिया में ईश्वर ने उन्हें इस प्रकार की इज्ज़त दी जबकि परलोक में उनका प्रतिदान इस प्रकार है कि इंसान की बुद्धि उसे नहीं समझ सकती।
इसी प्रकार इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता ने कहा कि सच्चाई शहीद जनरल कासिम सुलैमानी की एक अन्य विशेषता थी और वह कभी झूठ नहीं बोले जबकि वह जटिल राजनीतिक गतिविधियां भी अच्छी तरह अंजाम देते थे और हम सब को उनकी समस्त विशेषताओं को अपने अंदर उत्पन्न करना चाहिये।
ज्ञात रहे कि शहीद जनरल कासिम सुलैमानी ईरान की सिपाहे पासदारान फोर्स आईआरजीसी की कुद्स ब्रिगेड के कमांडर थे और इराकी सरकार के आधारिक निमंत्रण पर सीरिया से इराक जा रहे थे कि अमेरिका के आतंकवादी सैनिकों ने ड्रोन से बगदाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के करीब उन पर हमला करके तीन जनवरी 2020 को शहीद कर दिया था। उनके साथ इराक की स्वंय सेवी सेना हश्दुश्शाबी के डिप्टी कमांडर अबू मेहदी अलमोहन्दिस और उनके साथ 8 दूसरे जवान शहीद हुए थे। अमेरिका के इस आतंकवादी हमले की पूरी दुनिया में निंदा हुई थी। MM
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