उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट को निशाना बनाने के लिए राकेट या बारूद से भरी गाड़ी से हमले की आशंका है।
उन्होंने कहा कि हम तैयार रहने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं, कुछ ख़ुफ़िया सूचनाएं तालेबान के साथ शेयर की जा हरी हैं और उनके ख़याल में कुछ हमलों को नाकाम भी बना दिया गया है।
फ़्रैंक मैक्केन्ज़ी का कहना था कि अमरीका और भी हमलों के ख़तरों की बावजूद अफ़ग़ानिस्तान से अपने सैनिकों को निकालने का क्रम जारी रखेगा।
ज्ञात रहे कि अफ़ग़ानिस्तान में अब भी लगभग एक हज़ार अमरीकी नागरिक मौजूद हैं।
एयरपोर्ट के अंदर तैनात एक पश्चिमी सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि अफ़ग़ानिस्तान से निकलने की उड़ानों की रफ़्तार शुक्रवार को तेज़ हतो गयी है और अमरीकी पासपोर्ट रखने वालों को एयरपोर्ट कम्पाउंड में घुसने की इजाज़त दे दी गयी है।
पिछले 12 दिनों के दौरान पश्चिमी देश 1 लाख लोगों को निकाल चुके हैं लेकिन वह स्वीकार कर रहे हैं कि जारी महीने के अंत तक जब आख़िरी अमरीकी सैनिक भी रवाना हो जाएगा उसके बाद भी हज़ारों लोग रह जाएंगे।
अनेक देशों का कहना है कि नागरिकों का निकलना ख़त्म हो गया है और उनका आख़िरी सैनिक भी अफ़ग़ानिस्तान से निकल गया है।