गुवाहाटी में एक कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख ने कहा है कि अल्पसंख्यकों को लेकर विभाजन के समय जो वादा किया गया था, भारत उसका पालन कर रहा है, लेकिन पाकिस्तान ने ऐसा नहीं किया। भागवत ने कहा कि धर्मनिरपेक्षता, समाजवाद या लोकतंत्र भारत को दुनिया से सीखने की ज़रूरत नहीं है।
मोहन भागवत ने कहा कि सीएए किसी भारत के नागरिक के विरुद्ध बनाया गया कानून नहीं है। भारत के नागरिक मुसलमान को सीएए से कुछ नुकसान नहीं पहुंचेगा। विभाजन के बाद एक आश्वासन दिया गया कि हम अपने देश के अल्पसंख्यकों की चिंता करेंगे। हम आजतक उसका पालन कर रहे हैं जबकि पाकिस्तान ने नहीं किया।
मोहन भागवत ने कहा कि हमें धर्मनिरपेक्षता, समाजवाद या लोकतंत्र दुनिया से सीखने की आवश्यकता नहीं है। यह हमारी परंपरा और ख़ून में रहा है। हमारे देश ने इसे लागू किया और जीवित रखा।