कांग्रेस ने सरकार पर किसानों के साथ अत्याचारपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप भी लगाया है। कांग्रेस ने भारत के मध्यम वर्ग सहित समाज के विभिन्न तबकों से किसानों का समर्थन करने की अपील की है।
कांग्रेस प्रवक्ता खेड़ा ने शनिवार को कहा कि किसानों का समर्थन हमें इसलिए भी करना चाहिए क्योंकि वे उस काम को कर रहे हैं जो हम अपनी जिंदगी की आपा-धापी में नहीं कर पा रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि तीनों कानूनों को वापस लिया जाना चाहिए तथा इसके बाद किसान संगठनों से बातचीत करके ही नए कानूनों की पहल की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसानों को सरकार से तो कोई उम्मीद नहीं है लेकिन उसे देश से अब भी पूरी उम्मीद है। अगर लोग मौन समर्थन भी देंगे तब भी देश का बहुत भला होगा। कांग्रेस के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने संवाददाताओं से कहा कि किसानों के आंदोलन के 100 दिन हो गए। इन 100 दिनों में 250 से अधिक लोगों की मौत हुई। इस दौरान किसानों को अपमानित किया गया लेकिन अब भी बड़ी संख्या में किसान धरने परबैठे हुए हैं। उन्होंने कहा कि किसान, सरकार के उस फोन कॉल की प्रतीक्षा कर रहे हैं जिसका वादा प्रधानमंत्री ने किया था। पवन खेड़ा ने दावा किया कि किसान आंदोलन दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है लेकिन उसको खबरों से गायब रखा जा रहा है।
इसी बीच कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया है कि देश की सीमा पर जान बिछाते हैं जिनके बेटे, उन्ही के लिए कीलें बिछाई गईं दिल्ली की सीमा पर। अन्नदाता मांगे अधिकार, सरकार करे अत्याचार।
उल्लेखनीय है कि पिछले 100 दिनों से कई किसाना संगठन दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि तीनों नए कृषि कानूनों को वापस लेकर न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी वाला कानून बनाया जाए। दूसरी तरफ भारत की केन्द्र सरकार ने तीनों कृषि कानूनों को कृषि सुधारों की दिशा में बड़ा कदम बताते हुए कहा है कि इससे किसानों को लाभ होगा और अपनी उपज बेचने के लिए उनके पास कई विकल्प होंगे।