4 फ़रवरी 2021 - 13:24
यमन के अलहूसी ग्रुप के बारे में अमरीकी सेन्टकॉम का अजीब दावा, जंग के मैदान में दिखा रहा है हाथ, वार्ता के लिए नहीं है तैयार

अमरीकी आतंकवादी सेना की सेन्ट्रल कमान्ड का कहना है कि रियाज़ के बारे में बाइडन सरकार की नीतियां अभी स्पष्ट नहीं हैं।

आतंकवादी संगठन सेन्टकॉम के कमान्डर ने दावा किया है कि रियाज़, यमन युद्ध समाप्त करने में दिलचस्पी रखता है। उनका कहना था कि सऊदी अरब के बारे में अमरीका की नई सरकार के रवैये के बारे में उन्हें कोई सूचना नहीं है।

फ़ार्स न्यूज़ एजेन्सी की रिपोर्ट के अनुसार आतंकवादी संगठन सेन्टकॉम के प्रमुख फ़्रैंक मैक केन्ज़ी ने दावा किया है कि सऊदी सरकार, यमन युद्ध का ख़ात्मा चाहती है।

उन्होंने डिफ़ेंस वन नामक मैगज़ीन से बात करते हुए कहा कि मेरे कार्य क्षेत्र में सेना का सेना से संबंध है और हम राजनैतिक स्तर से हटकर उसकी रक्षा के लिए प्रयास करते हैं, सेना का काम राजनीति की सेवा करना है, हम वही करेंगे जिससे राजनीति निर्धारित करती है।

उनका कहना था कि सऊदी अरब के बारे में अमरीका की नई सरकार का क्या रुख़ है इसके बारे में मुझे कोई सूचना नहीं है। मैं समझता हूं कि बाइडन की टीम ने इस बारे में समीक्षा करेगी और इसके लिए लंबा समय भी लग सकता है।

उनका कहना था कि मुझे लगता है कि सऊदी अरब, यमन युद्ध की समाप्ति में दिलचस्पी रखता है। उन्होंने दावा किया कि अलहूसी ग्रुप समझौते के लिए तैयार नहीं है क्योंकि उन्होंने जंग तेज़ कर दी और उत्तर की ओर बढ़ रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि हूसी ग्रुप की दिलचस्पी के बारे में जानना कठिन होगा क्योंकि कभी कभी आप जब इस प्रकार की सफलताएं पा लेते हैं तो आप यह एहसास करते हैं कि वार्ता में जाने से पहले भी आपके पास कुछ हो, तो यह ख़तरनाक है क्योंकि घमंड इस प्रकार की वार्ताओं के लिए अच्छा नहीं होता।

उन्होंने अमरीका की ओर से रियाज़ की मदद के बारे में कहा कि मैं समझता हूं कि हमारा ज़्यादा ध्यान सऊदी अरब के एयर डिफ़ेंस सिस्टम पर केन्द्रित है, हम सऊदी अरब की यह मदद कर सकते हैं कि उनके एयर डिफ़ेंस सिस्टम को मज़बूत करें ताकि वह ड्रोन और बैलेस्टिक मीज़ाइलों के हमले से सुरक्षित रहें।

आतंकवादी संगठन सेन्टकॉम के कमान्डर का यह दावा ऐसी स्थिति में सामने आया है कि अमरीका के डेमोक्रेट सीनेटर क्रिस मर्फ़ी ने इससे पहले कहा था कि यमन में वाशिंग्टन के हस्तक्षेप की वजह से इस देश में दाइश मज़बूत हुआ है।

उनका कहना था कि यमनियों को यह हक़ है कि वह अपने जनसंहार का ज़िम्मेदार अमरीका को क़रार दें।