12 जनवरी 2021 - 12:45
अंसारुल्लाह आंदोलन के ख़िलाफ़ अमरीकी कार्यवाही पर यमन के धर्मगुरुओं की जवाबी कार्यवाही

अमरीका की ओर से यमन के अंसारुल्लाह आंदोलन को आतंकवादी संगठन क़रार दिए जाने पर, इस देश के धर्मगुरुओं ने अमरीका को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा ख़तरा बताया है।

अलमसीरा टीवी चैनल के मुताबिक़, यमन के धर्मगुरुओं के संघ ने मंगलवार को एक बयान में बल दिया कि अंसारुल्लाह के ख़िलाफ़ अमरीका के इस फ़ैसले से ख़ुद उसी की बदनामी है।

अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने सोमवार को कहा कि उनके मंत्रालय ने अंसारुल्लाह को विदेशी आतंकवादी संगठन की सूचि में क़रार देने के फ़ैसले से कॉन्ग्रेस के सूचित कर दिया है।

अमरीका के इस फ़ैसले की बहुत से अधिकारी, गुट और दल निंदा कर रहे हैं।

अमरीका के मौजूदा विदेश मंत्री पोम्पियो ने ऐसी स्थिति में अंसारुल्लाह के ख़िलाफ़ यह एलान किया है कि क़रीब 6 साल से सऊदी-यूएई गठबंधन यमन की मूल रचानाओं को निशाना बना रहा, यमन की हवाई, समुद्री और ज़मीनी नाकाबंदी कर रखी है, यमनी जनता के लिए बहुत सी मुश्किल खड़ी कर दी हैं और आए दिन बेगुनाह यमनी जनता का नरसंहार करता है, जिसमें मुख्य रूप से महिलाएं और बच्चे निशाना बनते हैं।