12 अक्टूबर 2020 - 16:36
बेशक ईरान, सीरिया, वेनेज़ोएला और उत्तरी कोरिया के ख़िलाफ़ अमरीका के प्रतिबंध कोरोना महामारी के दौर में निंनदीय यातना है, नुक़सान उठाने वाले राष्ट्र क्या कभी यह अपराध भूल पाएंगे?

ब्रितानी अख़बार इंडिपेंडेंट ने ईरान के सभी क्षेत्रों पर लगाए गए अमरीकी प्रतिबंधों को अगर भयानक यातना और सरकारी आतंकवाद का नाम दिया है तो ग़लत नहीं किया है, यह वाक़ई मानवता के ख़िलाफ़ अपराध है।

इन प्रतिबंधों से जो पिछले चालीस साल से लगातार बढ़ते जा रहे हैं केवल ईरान की आम जनता को नुक़सान पहुंच रहा है। यही हाल वेनेज़ोएला, लीबिया, उत्तरी कतरिया, सीरिया, फ़िलिस्तीन और लेबनान के खिलाफ़ लगाए गए अमरीकी प्रतिबंधों का है।

अमरीकी प्रतिबंध ईरान की शासन व्यवस्था को ध्वस्त करने में नाकाम रहे और सीरिया में भी सत्ता परिवर्तन नहीं करवा सके। वेनेज़ोएला में तो राष्ट्रपति निकोलस मादोरो की लोकप्रियता और बढ़ गई जिन्होंने इन प्रतिबंधों का साहस के साथ डट कर मुक़ाबला किया जबकि उनके विरोधी ख़्वान ग्वाइडो को जनता भूलती जा रही है। उन पर देश से ग़द्दारी और विदेशों के मोहरे के रूप में काम करने के आरोप लग रहे हैं।

बिल्कुल यह प्रतिबंध अमानवीय यातना है जिनसे 8 करोड़ से अधिक ईरानी जनता को निशाना बनाया गया है जो इस समय कोरोना महामारी के दौर से गुज़र रही है।

नस्लवादी और मानसिक रूप से बीमार ट्रम्प जब यह ख़बरें सुनते हैं कि ईरान में कोरोना महामारी से तबाही हो रही है और मरने वालों की संख्या बढ़ रही है तो उन्हें आनंद आता है। ट्रम्प दावा करते हैं कि कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं तो उन्हें यह भी पता होना चाहिए कि इस वायरस से संक्रमित होने का क्या मतलब है? मगर वह संवेदनहीन व्यक्ति हैं और मानवता और मानवीय मूल्यों से उनका कोई लेना देना नहीं है, उन पर तो जातिवाद और नस्लवाद छाया हुआ है।

हमें ट्रम्प के इस फ़ैसले पर कोई हैरत नहीं है क्योंकि हम ट्रम्प की वह वीडियो देख चुके हैं जिसमें वह पूर्व अमरीकी सरकार की इसलिए आलोचना कर रहे हैं कि उसने इराक़ की तेल की दौलत को लूटने में कुछ कसर रखी। ट्रम्प ने इराक़ से दो ट्रिलियन डालर के हर्जाने की मांग की। ट्रम्प की समझ में तो यह बात आई ही नहीं कि इराक़ में जनता रहती है और अमरीका ने अपनी योजना से इराक़ को तबाह करके रख दिया।

हमारे लिए कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता कि अगला चुनाव ट्रम्प जीतेंगे या हारेंगे लेकिन यह अमानवीय हरकतें ट्रम्प के नाम के साथ हमेशा के लिए जुड़ जाएंगी।

स्रोतः रायुल यौम