ईरान के विदेश मंत्रालय ने ट्रम्प की अभद्र भाषा के जवाब में एक ट्वीट करके कहा है कि ईरानी जनता, ट्रम्प की बयानबाज़ी और ग़ुंडागर्दी से भयभीत नहीं होगी।
ट्वीट में कहा गया है कि हमारे लोग, अपनी गरिमा की रक्षा के लिए कुछ भी कर सकते हैं।
शुक्रवार को ट्रम्प ने एक रेडियो इंटरव्यू में तेहरान को धमकी देते हुए कहा था कि अमरीका को कम आंकने के लिए ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
ट्रम्प का कहना थाः ईरान जानता है कि उन्हें चेतावनी दे दी गई है। अगर तुम... हमसे उलझे या तुमने हमारे साथ कुछ ग़लत करने का प्रयास किया तो हम तुम्हारा वह हाल करेंगे, जैसा पहले कभी नहीं हुआ होगा।
90 मिनट के इंटरव्यू में ट्रम्प ने ज़्यादातर हमले अपने डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी पर किए, चीन और ईरान के बारे में अपनी विदेश नीति के सफल रहने का दावा किया।
उन्होंने एक बार फिर अपना यह दावा दोहराया कि अगर वह राष्ट्रपति चुनाव जीत गए तो एक महीने के अंदर ईरान के साथ एक बड़ा समझौता करेंगे और उन्हें हारता हुआ देखने के लिए मरे जा रहे हैं।
ग़ौरतलब है कि 2015 के परमाणु समझौते को इतिहास का सबसे बुरा समझौता बताते हुए 2018 में ट्रम्प ने इससे निकलने का एलान कर दिया था और फिर से तेहरान के ख़िलाफ़ कड़े प्रतिबंध लागू करते हुए ईरानी राष्ट्र को नए समझौते के लिए घुटने टेकने की बात कही थी।
हालांकि अमरीका, ईरान को झुकाने में नाकाम रहा है और ईरानी अधिकारियों का कहना है कि ट्रम्प की अधिकतम दबाव की नीति दम तोड़ गई है।
अटलांटिक काउंसिल में फ़्यूचर ऑफ़ ईरान इनिशिएटिव की निदेशक बारबरा स्लाविन का कहना है कि ट्रम्प अपनी संभावित हार से भौखलाए हुए हैं और जीतने के लिए बेताब हैं।
स्लाविन ने कहा कि लेकिन, ट्रम्प की बयानबाज़ी से ज़्यादा उनकी नीतियां घातक हैं।