4 अक्टूबर 2020 - 16:50
इस्लाम और मुसलमानों से मैक्रां को इतनी नफरत क्यों? रायुलयौम के आंख खोलने वाले कुछ अहम सवाल, मुसलमानों के लिए जानना है बेहद ज़रूरी!

लंदन से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र रायुलयौम ने फ्रांस के राष्ट्रपति के हालिया बयान और रुख पर कड़ी आपत्ति जतायी है जिसमें उन्होंने इस्लाम को संकट में बताया है। पश्चिम और इस्लाम के संबंध के बारे में एक पढ़ने लायक़ जायज़ा।

जब से फ्रांस में एमानुएल मैक्रां ने सत्ता संभाली है तब से ही वह बड़े ही भोंडे अदांज़ में इस्लाम धर्म को निशाना बनाते रहे हैं। इस्लामी आतंकवाद का शब्द कई बार प्रयोग करने के बाद अब उन्होंने शुक्रवार को कहा कि इस्लाम संकट में है और उन्होंने इससे मुकाबले के लिए कार्यक्रम बनाने का खुलकर एलान किया।

     स्वंय को लेबनान का गॉड फादर समझने वाले और ट्यूनेशिया और अल्जीरिया में फ्रांसीसी साम्राज्यवाद के उत्तराधिकारी एमानुएल मैक्रां  का दावा है कि वह " उदारवादी" और " चरमपंथी " इस्लाम में अंतर मानते हैं लेकिन सच्चाई यह है कि वह दोनों से ही घृणा करते हैं और इस समय युरोप और पश्चिम में फैले इस्लामोफोबिया से चुनावी लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। इसका कारण यह भी है कि फ्रांस में दक्षिणपंथियों और कट्टर दक्षिणपंथियों की लोकप्रियता बढ़ रही है और मैक्रां के सारे हथकंडे उनके सामने बेकार साबित हो रहे हैं।