डाॅक्टर हसन रूहानी ने मंगलवार को आठ देशों के नए राजदूतों से मुलाक़ात की और उनके प्रत्यय पत्र स्वीकार किए। उन्होंने पुर्तगाल के नए राजदूत कारलोस कोस्टा नेवेस से मुलाक़ात में यूरोपीय देशों की ओर से परमाणु समझौते के समर्थन की सराहना करते हुए कहा कि अमरीका के ग़ैर क़ानूनी व अवैध प्रतिबंधों से यूरोप व ईरान के आर्थिक संबंध प्रभावित नहीं होने चाहिए।
उन्होंने इसी तरह तेहरान में जर्मनी के नए राजदूत हेंस ओडो मोत्ज़ेल से मुलाक़ात में अमरीका के ग़ैर क़ानूनी प्रतिबंधों की अनदेखी करते हुए तेहरान व बर्लिन के आर्थिक सहयोग में विस्तार की आवश्यकता पर बल दिया। राष्ट्रपति रूहानी ने दुनिया में अमरीका के एकपक्षवाद के मुक़ाबले में जर्मनी, फ़्रान्स व ब्रिटेन के रुख़ की प्रशंसा करते हुए कहा कि ईरानी राष्ट्र के ख़िलाफ़ प्रतिबंधों की बहाली के अमरीकी प्रयासों के मुक़ाबले में इन देशों ने तर्कसंगत रवैया अपनाया है।
ईरान के राष्ट्रपति ने इसी तरह स्पेन के राजदूत लूइस फ़िलिप लापेना से मुलाक़ात में कहा कि दोनों देशों के संबंध आगे की ओर अग्रसर हैं और अमरीका के अवैध प्रतिबंधों से प्रभावित हुए बिना इनमें विस्तार होते रहना चाहिए। डाॅक्टर रूहानी ने कहा कि दुनिया कोरोना व अमरीका जैसे दो वायरसों में ग्रस्त है और सभी को इन दोनों से लड़ने के लिए एकजुट हो जाना चाहिए।