डाॅक्टर मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने सोमवार को राजधानी तेहरान में शहीदों को श्रद्धांजली अर्पित करने के लिए आयोजित किए गए एक कार्यक्रम में कहा कि शहादत व आशूरा की संस्कृति ने ईरान को शक्ति व इज़्ज़त प्रदान की है और यह संस्कृति इस बात की अनुमति नहीं देती कि कोई ईरानी जनता का अपमान कर सके। उन्होंने कहा कि शहादत व आशूरा की संस्कृति इस बात का कारण बनी है कि कोई भी बड़बोली शक्ति ईरान से यह नहीं कह सकती कि अगर मैं तुम्हारा समर्थन बंद कर दूं तो एक हफ़्ते या दस दिन में तुम्हारे लोग दूसरी भाषा में बात करने लगेंगे।
ईरान के विदेश मंत्री ने इसी तरह इस बात का उल्लेख करते हुए कि पवित्र प्रतिरक्षा के दौरान कुछ देशों ने सद्दाम सरकार की 75 अरब डाॅलर तक मदद की थी, कहा कि इतनी मदद के बावजूद साम्राज्यवादी शक्तियां, ईरान की जनता को झुका नहीं सकीं।