ग़ौरतलब है कि सितम्बर 1980 में ईरान की इस्लामी क्रांति के कुछ ही महीनों के बाद, इराक़ के पूर्व तानाशाह सद्दाम ने ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ दिया था। सद्दाम का दावा था कि कुछ ही दिनों में वह पूरे ईरान पर क़ब्ज़ा कर लेगा, क्योंकि उसे अमरीका समेत दुनिया की बड़ी शक्तियों का समर्थन हासिल है। लेकिन ईरानी राष्ट्र के कड़े प्रतिरोध के कारण, यह युद्ध आठ वर्षों तक जारी रहा।
ईरान में रक्षा सप्ताह की शुरूआत के अवसर पर राष्ट्रपति रूहानी ने कहा, यह सप्ताह हमें राष्ट्र के कड़े प्रतिरोध की याद दिलाता है, जिसके कारण दुश्मनों के मुक़ाबले में हमें शानदार सफलता हासिल हुई।
रूहानी का कहना था कि शहीदों ने अपने ख़ून से ईरानी जनता को आज़ादी और सम्मान का उपहार दिया।