इस्राईली अख़बार टाइम्ज़ आफ़ इस्राईल ने कुशनर का यह बयान प्रकाशित किया है कि इस समझौते से इस्लामी जगत में फैला तनाव कम होगा और लोगों को यह मौक़ा मिलेगा कि अपने हितों को फ़िलिस्तीन संकट से अलग करके देखें और अपनी विदेश नीति को अपनी आंतरिक प्राथमिकताओं के आधार पर निर्धारित करें।
कुशनर ने कहा कि इमारात और बहरैन के साथ जो समझौते हो रहे हैं वह अमरीका की डील आफ़ सेंचुरी का हिस्सा हैं और इस डील में मुसलमानों को मस्जिदुल अक़सा में जाने और वहां नमाज़ पढ़ने की अनुमति दी जाएगी।
कुशनर ने बहरैन के नरेश हमद बिन ईसा आले ख़लीफ़ा की तारीफ़ करते हुए कहा कि वह इलाक़े में सहनशीलता के ध्वजवाहक हैं और उन्होंने बहरैन यात्रा के दौरान नरेश हमद को यहूदियों की धार्मिक पुस्तक तौरैत उपहार के रूप में दी थी।
कुशनर ख़ुद भी यहूदी हैं और फ़िलिस्तीन का मुद्दा से मिटा देने के लिए शुरू से एड़ी चोटी का ज़ोर लगा रहे हैं।