आईआरजीसी ने अपने बयान में कहा गया है कि पिछले वर्षों के दौरान देश की पूर्वोत्तरी सीमाओं पर आतंकवादियों की पूरी टीम की तबाही से अमरीका बड़ा निराश हुआ। बयान में कहा गया है कि साम्राज्यवादियों के पिट्ठुओं ने कुछ दिनों से देश की सीमाओं को अशांत करने की योजनाएं बना रखी थीं।
आईआरजीसी के कमान्डर जनरल ख़लीलज़ाद का कहना था है कि क्रांति विरोधी आतंकवादी तत्वों के विरुद्ध सशस्त्र सेना की शक्तिशाली कार्यवाहियों के कारण वे ईरान के विरुद्ध कोई हथियारबंद कार्यवाही नहीं कर सके।
उनका कहना था कि साम्राज्यवादियों के पिट्ठुओं ने देश के भीतर अपने एजेन्टों से अधिकारियों की टारगेट किलिंग की योजना बना रखी है। उनका कहना था कि आईआरजीसी की हालिया कार्यवाही, कुर्दिस्तान प्रांत में एक टारगेट किलिंग के जवाब में की गयी है।
उनका कहना थ कि हालिया कार्यवाही के दौरान क्रांति विरोधी आतंकवादियों के ठिकाने पूरी तरह तहस नहस हो गये जबकि इस कार्यवाही के दौरान तुर्की की सीमा से लगे आतंकियों का एक गुट भी तबाह हुआ।
ईरानी सेना के कमान्डर का कहना था कि आईआरजीसी के इस आप्रेशन को तुर्की से लगे दुर्गम सीमावर्ती पहाड़ी इलाक़े में अंजाम दिए गये और सेना के जवानों ने पूरा क्षेत्र घेर लिया था। उनका कहना था कि आतंकियों के अड्डे को पूरी तरह तहस नहस कर दिया गया।
ईरानी सेना के कमान्डर का कहना था कि इस आप्रेशन के दौरान क्रांति विरोधी आतंकियों को भारी नुक़सान पहुंचा है और बड़ी मात्रा में हथियार और गोले बारूद बरामद हुए हैं।
इस अभियान के वरिष्ठ कमान्डर का कहना था कि वर्तमान समय देश के पूर्वोत्तरी सीमा पर सेना के जवान पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात हैं और दुश्मनों को यह जान लेना चाहिए कि हमारी डेड लाइन हमारी और देश की जनता की सुरक्षा है।