10 सितंबर 2020 - 12:50
इन्टरनेट सुविधा न होने की वजह से 40 करोड़ बच्चे पढ़ाई से वंचित

एक रिपोर्ट में बताय गया है कि इन्टरनेट सुविधा न होने की वजह से दुनिया में 40 करोड़ से अधिक बच्चे डिजिटल पढ़ाई से वंचित हैं।

कोरोना महामारी के कारण ज़्यादातर देशों में पिछले कुछ महीनों से ऑनलाइन शैक्षणिक व्यवस्था पर ज़ोर दिया जा रहा है।

इस रिपोर्ट का नाम फ़ेयर शेयर फॉर चिल्‍ड्रेन- प्रिवेंटिंग द लॉस ऑफ़ अ जेनरेशन टू कोविड-19’ है और इस दो दिवसीय डिजिटल शिखर सम्मेलन ‘लॉरियेट्स एंड लीडर्स फॉर चिल्‍ड्रेन समिट’ में पेश की गयी।

रिपोर्ट में बताया गया है कि जी-20 देशों द्वारा वित्‍तीय राहत के रूप में 8.02 हज़ार अरब डॉलर देने की घोषणा की गई थी, लेकिन उसमें से अभी तक केवल 0.13 प्रतिशत या 10.2 अरब डॉलर ही कोविड-19 महामारी के दुष्‍प्रभावों से लड़ने के मद में आवंटित किया गया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना महामारी की वजह से स्‍कूलों के बंद रहने से दुनिया के करीब एक अरब बच्‍चों की शिक्षा तक पहुंच संभव नहीं हो पा रही है। घर पर इंटरनेट की अनुपलब्‍धता के कारण 40 करोड़ से अधिक बच्‍चे ऑनलाइन शिक्षण कार्यक्रमों का उपयोग करने में असमर्थ हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, 34.70 करोड़ बच्‍चे स्‍कूलों के बंद होने से पोषाहार के लाभ से वंचित हैं। अगले छह महीने में 5 साल से कम उम्र के 10 लाख 20 हज़ार से अधिक बच्‍चों के कुपोषण से काल के गाल में समा जाने का अनुमान है।

टीकाकरण योजनाओं के बाधित होने से एक वर्ष या उससे कम उम्र के 8 करोड़ बच्‍चों में बीमारी का ख़तरा बढ़ गया है।