6 सितंबर 2020 - 18:38
बिन सलमान की ट्रोलर टिड्डियों को मिला अजीबो ग़रीब अभियान, अरब और इस्लामी जगत के लिए कर रहे हैं ख़तरनाक साज़िश…

सऊदी क्राउन प्रिंस के आदेश के बाद सऊदी अरब की ट्रोलर टिड्डियों का दल अपने अभियान पर निकल पड़ा और उसने इस्राईल के साथ संबंधों को सामान्य बनाने का प्रचार शुरु कर दिया।

सऊदी ट्रोलर टिड्डियों के इस दल ने इस्राईल के साथ संबंधों को सामान्य बनाने के विषय पर हैशटैग बनाए और इस तरह उन्होनें फ़िलिस्तीनी नेताओं और उनके समर्थकों तथा उनकी उमंगों पर हमले तेज़ कर दिए और फ़िलिस्तीनियों को ग़द्दार और शुक्र न करने वाला तथा दूसरों के एहसान को भूलने का आरोप लगाया।

इस व्यवस्थित हमले द्वारा बिन सलमान के ट्रोलर फ़िलिस्तीन के विषय पर फ़ार्स की खाड़ी के देशों की जनता की भावनाओं से खिलवाड़ कर रहे हैं और इसका मक़सद फ़िलिस्तीन की धरती और पवित्र स्थलों तथा फ़िलिस्तीनियों के अधिकारों को बेचने के लिए ख़तरनाक और भयावह गठबंधन बनाना है।  

सऊदी अरब के इन एजेन्टों ने अपनी इस करतूत के फ़िलिस्तीन के मुद्दे के महत्व को कम दिखाने की कोशिश की है और फ़िलिस्तीनियों के हौसलों को निरंतर पस्त कर रहे हैं।  

बिन सलमान के राजनैतिक लक्ष्यों में से एक फ़िलिस्तीनी उमंगों की तबाही है और उन्होंने बारम्बार यह घोषणा की है कि सऊदी सरकार की प्राथमिकता, फ़िलिस्तीनी उमंग नहीं है। हालिया कुछ घटनाओं ने यह साबित कर दिया कि फ़िलिस्तीनी उमंग से सऊदी अरब का कोई वास्ता नहीं है।

इस देश ने संयुक्त अरब इमारात जाने वाले इस्राईली जहाज़ों के लिए अपनी वायु सीमाएं खोल दी हैं और इससे उसने फ़िलिस्तीनी नेताओं को एक ख़तरनाक संदेश दिया।

कुछ निकटवर्ती सूत्रों का कहना है कि बिन सलमान ने फ़िलिस्तीनी प्रशासन के प्रमुख से ताज़ा टेलीफ़ोनी वार्ता में उनसे कहा कि वह इस्राईल और संयुक्त अरब इमारात के संबंधों की आलोचना करने से बाज़ आएं और इस बारे में उठने वाली हर विरोध की आवाज़ को दबाएं।

इस सूत्र ने बताया कि बिन सलमान ने वचन दिया है कि वह अरब देशों के साथ संबंधों को सामान्य बनाने की योजना के लिए तैयार हैं और इस योजना को अरब शांति योजना से बदल देंगे।

उन्होंने कहा कि इस योजना को पूरी शक्ति के साथ आगे बढ़ाया जाएगा और फ़िलिस्तीन को भी इससे जुड़ जाना चाहिए। सऊदी अरब के इस निकटवर्ती सूत्र का कनहा है कि अरब-अमरीकी और इस्राईली संदिग्ध योजना पर जिसे बिन सलमान पेश करने वाले हैं, विभिन्न पहलुओं से काम किया जाएगा और इसको व्यवहारिक बनाने के लिए व्यापक स्तर पर वार्ताएं होंगी।

यही वजह है कि इस षड्यंत्रकारी योजना के अरब विरोधियों पर बिन सलमान की ट्रोलर टिड्डियों के तीर चलने शुरु हो गये हैं लेकिन अभी यह कहना जल्दबाज़ी होगा कि यह ट्रोलर किस हद तक सफल हुए हैं या होंगे, क्योंकि यह काम उस समय किया जा रहा है जब नेतेनयाहू निश्चित हार की कगार पर हैं और ट्रम्प को राष्ट्रपति चुनाव का सामना है जबकि दूसरी ओर फ़िलिस्तीन घेरे में है और प्रतिबंधों का सामना कर रहा है और उसके नेताओं को निरंतर धमकियां दी जा रही हैं और उनको धमकी भरे पत्र भेजे जा रहे हैं ताकि वह इस मुद्दे से किनारे हो जाएं और इस योजना को स्वीकार करने पर मजबूर हो जाएं लेकिन क्या यह होगा????