3 सितंबर 2020 - 14:27
क़ातिलों के टोले में बहरैन भी हुआ शामिल, अपनों का ख़ून पीने के बाद अब फ़िलिस्तीनियों का ख़ून पीएगा!!!

संयुक्त अरब इमारात के बाद अमरीकी राष्ट्रपति के सलाहकार और दामाद ने सऊदी अरब और बहरैन का दौरा किया।

अमरीकी राष्ट्रपति के सलाहकार और दामाम जेयर्ड कूशनर ने जो इस्राईली प्रतिनिधि मंडल के साथ संयुक्त अरब इमारात, सऊदी अरब और बहरैन का दौरान किया और स्पष्ट शब्दों में कहा कि कुछ महीने अन्य अरब देश इस्राईल से संबंधों को बहाल कर लेंगे।

जेयर्ड कूश्नर ने मुहम्मद बिन सलमान से फ़िलिस्तीन-इस्राईल तथाकथित शांति वार्ता की बहाली पर चर्चा की जबकि क़तर नरेश शैख़ तमीम बिन हम आले सानी का जेयर्ड कूश्नर से मुलाक़ात में कहना था कि क़तर 2002 की अरब शांति योजना के मसौदे पर बाक़ी है।

क़तर ने इस्राईल से संबंधों के लिए अवैध अधिकृत बैतुल मुक़द्दस वाले फ़िलिस्तीनी राज्य के गठन को आवश्यक क़रार दिया है।

बहरैन और कुछ अरब देश इस्राईल के साथ संबंधों को सामान्य करने के लिए पर तोल रहे हैं और फ़िलिस्तीनियों को अमरीका द्वारा थोपी गयी शांति योजना को स्वीकार करने पर मजबूर कर रहे हैं।

कुछ कूटनयिक सूत्रों का कहना है कि अरब संघ के कुछ सदस्य फ़िलिस्तीनियों को इस बात की इजाज़त नहीं देंगे कि वह इस्राईल के साथ संबंधों को सामान्य करने के संयुक्त अरब इमारात की कार्यवाही की समीक्षा करें या निंदा करें।

इन सूत्रों ने अलमयादीन टीवी चैनल को बताया कि अरब संघ में फ़िलिस्तीनी मुद्दे को समाप्त करने की कोशिशें शुरु हो गयीं हैं ताकि फ़िलिस्तीनियों को भी अमरीका की तथाकथित डील आफ़ सेन्चुरी योजना स्वीकार करने के लिए तैयार कर लिया जाए।

इन सूत्रों का कहना है कि कुछ अरब देश अपने प्रभावों और विश्व शक्तियों के समर्थन से फ़िलिस्तीन को धमकी दे रहे हैं और अरब संघ में यह मुद्दा, एक रक्तरंजित युद्ध की तरह जारी है जो गुप्त रूप से जारी है।

इस सूत्र ने इन देशों के विरुद्ध फ़िलिस्तीन के प्रयासों की ओर संकेत करते हुए कहा कि बहरैन के विरोध की वजह से संयुक्त अरब इमारात द्वारा इस्राईल से संबंधों को सामान्य बनाने के मुद्दे की समीक्षा करने के लिए अरब संघ की आपातकालीन बैठक की फ़िलिस्तीनी मांग को स्वीकार नहीं किया गया।

इस सूत्र का कहना है कि फ़िलिस्तीनियों ने संयुक्त अरब संघ के पिछले महीने की सामान्य बैठक में अपील की थी कि संबंधों को समान्य बनाने के विरोध का मुद्दा भी शामिल किया जाए लेकिन बहरैन ने इस विषय का विरोध किया था।

इस सूत्र ने इसी प्रकार बताया था कि बहरैन ने फ़िलिस्तीन को धमकी दी थी कि अरब संघ की बैठकों में वह अनुच्छेद शामिल किए जाएंगे जो इस्राईल के साथ संबंधों को समान्य बनाने की पुष्टि और सेन्चुरी डील के लिए प्रेरित करते हैं।

अलमयादीन ने रिपोर्ट दी है कि कुछ अरब देश फ़िलिस्तीनियों को सेन्चुरी डील स्वीकार करने पर मजबूर करने का प्रयास कर रहे हैं और उनका लक्ष्य यह है ताकि ज़ायोनी आराम से अरब राजधानियों में घूमें और यह देश फ़िलिस्तीन का नाम तक न लें।

यह ऐसी हालत में है कि कुछ इस्राईली मीडिया ने एक इस्राईली सूत्र के हवाले से रिपोर्ट दी है कि बहरैन भी शीघ्र ही इस्राईल के साथ संबंधों को समान्य बनाने की तरफ़ क़दम बढ़ाने वाला है।